संस्कृत पढ़ने आए थे छात्र:संचालक ने बंद पड़े टैंक में सफाई के लिए उतार दिए, 4 छात्रों की मौत के बाद पुलिस ने संचालक को लिया हिरासत में
वृंदावन के चैतन्य बिहार इलाके में स्थित महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में मंगलवार देर शाम हुए हादसे के बाद जिले के अधिकारी देर रात तक घटना स्थल पर पहुंचते रहे। अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया, मृतक छात्रों के बारे में जानकारी ली और जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की बात कही। पुलिस ने विद्यालय संचालक सहित 2 लोगों को हिरासत में ले लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। कोई MP से,कोई UP से तो कोई आया है बिहार से महर्षि परिणि संस्कृत गुरुकुल विद्यालय में करीब 200 छात्र पंजीकृत हैं। जिसमें से सौ के रहने की व्यवस्था उसी इकरत में की हुई है। इनमें संस्कृत पढ़ने के लिए कोई मध्य प्रदेश,कोई उत्तर प्रदेश तो कोई बिहार से है। इन बच्चों को इसी गुरुकुल में रखकर संस्कृत की शिक्षा दी जाती है। छात्र यहां वेद,कर्मकांड,पूजन कराना आदि सीखते हैं। 320 गज के इस भवन को आशीष गुरुजी ने पन्ना के रहने वाले सुखेन्द्र मिश्रा से किराए पर लिया था। आशीष यहां छात्रों की संख्या तो बढ़ाते रहे लेकिन सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजाना छात्रों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। बिना रजिस्ट्रेशन के हो रहा था संचालन वृंदावन के चैतन्य बिहार इलाके में स्थित इस गुरुकुल का संचालन बिना रजिस्ट्रेशन के किए जा रहा था। आशीष यहां छात्रों को रखता और उनकी पढ़ाई का फॉर्म दूसरे स्कूल से भरवाता था। छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के चलते कुछ भी नहीं बोलते। यहां छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं थी। परिजनों से बात भी संचालक के फोन पर ही छात्र करते थे। पढ़ने आए छात्रों को गुरुकुल में अलग अलग काम अलग दिन बांटे गए थे। किसी से खाना बनवाया जाता,किसी से साफ सफाई कराई जाती थी। बिना सेफ्टी अपनाए छात्रों को उतारा टैंक में मंगलवार की देर शाम बिल्डिंग के पिछले हिस्से में बने पानी के 3 फीट लंबे 3 फीट चौड़े और करीब 12 फीट गहरे टैंक में से बदबू आने और पानी ओवर फ्लो होने के चलते संचालक ने 5 छात्रों की साफ करने की ड्यूटी लगाई। सबसे पहले साफ करने मनु कटारे उतरा। लेकिन टैंक में उतरते ही वह बेहोश हो गया। उसे बचाने आर्यन,देवांश,विशु और रुद्र उतरे। यह सब भी टैंक में बनी गैस की बजह से बेहोश हो गए। 5 छात्रों को बेहोश होते ही हड़कंप मच गया। सभी को किसी तरह बाहर निकाला और अस्पताल भेजा तो वहां डॉक्टरों ने मनु, देवांश,आर्यन और विशु को मृत घोषित कर दिया। संचालक ने बिना सेफ्टी उपकरण के ही सफाई के लिए छात्रों को टैंक में उतार दिया था। हादसे के बाद फाड़ा गुरुकुल का बैनर हादसा होते ही संचालक ने सबसे पहले इमारत के बाहर लगा गुरुकुल का नाम लिखा वाला बैनर फाड़ा। इसके बाद वह कुछ देर तक मामले को दबाने का प्रयास करता रहा। लेकिन अन्य छात्रों की चीख पुकार सुन वहां स्थानीय लोग एकत्रित हो गए,पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद भी संचालक ने मौके से निकलने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने संचालक आशीष और उनके एक साथी को हिरासत में ले लिया। नहीं जागे जिम्मेदार पिछले दिनों लखनऊ और दिल्ली में हुए हादसों के बाद भी जिम्मेदार नहीं जागे। संकरे भवनों में नियमों को ताक पर रखकर इस तरह के विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन इमारतों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। देर रात मौके पर पहुंचे एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि हादसा कैसे हुआ किसकी लापरवाही रही इसकी जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। परिजन जो तहरीर देंगे उस पर मुकद्दमा लिखकर कार्यवाही की जाएगी।
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