देवरिया में 5 साल बाद तीन शिक्षकों की बहाली:एक शिक्षक की मौत, पत्नी को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की प्रक्रिया शुरू
देवरिया के मदरसन स्कूल के बर्खास्त तीनों शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल किया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कानूनी सलाह के बाद मामला सुलझाया। इनमें से एक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की फरवरी 2026 में मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी गुड़िया सिंह को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। बहाली का पत्र मिलते ही गुड़िया सिंह भावुक होकर रोने लगीं। समय पर न्याय मिलता तो शायद पति की जान बच जाती। तीनों शिक्षकों की नियुक्ति मई 2016 में हुई थी। जुलाई 2021 में नियुक्तियों को गलत मानते हुए वेतन रोका गया और अक्टूबर 2021 में उन्हें नौकरी से निकाला गया। इसके खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। कृष्ण मोहन सिंह ने अधिकारियों पर बहाली के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया था। उनकी पत्नी की शिकायत पर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गोरखपुर में केस दर्ज हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया जिले के बहुचर्चित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरीबाजार के बर्खास्त तीनों शिक्षकों को हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में सवेतन बहाल कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने विधिक राय लेने के बाद प्रकरण का निस्तारण किया। इनमें से एक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की फरवरी 2026 में मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी गुड़िया सिंह को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बहाली का पत्र मिलने पर गुड़िया सिंह भावुक हो गईं और फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति को समय से न्याय और भुगतान मिल गया होता तो शायद उनकी जान नहीं जाती। विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया उन्होंने कहा कि पति तो नहीं रहे, लेकिन अब उन्हें न्याय मिला है। गौरीबाजार क्षेत्र के मदरसन स्थित इस विद्यालय में मई 2016 में अपर्णा तिवारी, ओंकार सिंह और कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों ने जुलाई 2016 में विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया। बाद में नियुक्तियों को अवैध मानते हुए जुलाई 2021 में तीनों का वेतन रोक दिया गया और अक्तूबर 2021 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके खिलाफ तीनों शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी पर रोक लगाते हुए मामले का नियमानुसार निस्तारण करने का आदेश दिया था। पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए इसी बीच बर्खास्त शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने तत्कालीन अधिकारियों पर बहाली और भुगतान के नाम पर पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। फरवरी 2026 में उनकी मौत के बाद मामला सुर्खियों में आया। उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गोरखपुर में मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के अनुपालन में अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह को सेवा समाप्ति की तिथि से सेवा में बहाल करने का आदेश दिया है। कृष्ण मोहन सिंह को भी सेवा समाप्ति की तिथि से उनकी मृत्यु से एक दिन पहले तक सेवारत माना गया है। आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए वित्तीय लाभ के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने बताया कि तीनों शिक्षकों के मामले का विधिक राय के आधार पर निस्तारण कर दिया गया है। मृत शिक्षक की पत्नी को नियमानुसार मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने के लिए विद्यालय प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं।
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