संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य का चौथा VIDEO:सुसाइड से पहले कमरे से लड़खड़ाते निकले, बिना खड़ाऊ 19 कदम चलकर सीढ़ियों पर चढ़े

Oct 06, 2026 - 08:23
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संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य का चौथा VIDEO:सुसाइड से पहले कमरे से लड़खड़ाते निकले, बिना खड़ाऊ 19 कदम चलकर सीढ़ियों पर चढ़े
वृंदावन में संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण का सोमवार शाम को सुसाइड से पहले का चौथा वीडियो सामने आया है। इसमें रसिक दुलारी कमरे से निकलकर सीढ़ियों की तरफ जाते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग का हाफ कुर्ता और पीले रंग की धोती पहन रखी है। वह लड़खड़ाते और कपड़े ठीक करते हुए गैलरी की तरफ धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। देखने से ऐसा लग रहा है जैसे उनके पैर या शरीर में कहीं चोट लगी है। उन्हें दर्द हो रहा है। वह 19 कदम चलते हैं उसके बाद सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए गैलरी से दूसरे तरफ मुड़ जाते हैं। 25 साल के रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह केली कुंज ट्रस्ट की बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 26 सितंबर को यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार किया गया। 11 दिन के अंदर उनकी मौत से पहले के 4 वीडियो सामने आ चुके हैं। पुलिस अब वीडियो के आधार पर छानबीन में जुटी है। इस मामले में केली कुंज आश्रम से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। अब जानिए चार VIDEO के बारे में.... पहला वीडियो: रसिक दुलारी शरण के आत्महत्या का पहला वीडियो 27 सितंबर को सामने आया था। इसमें दिख रहा है कि शिष्य रसिक दुलारी शरण 40 फीट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। सिर जमीन से टकराता है और फट जाता है। वह तड़पने लगते हैं। सड़क पर खून फैलने लगता है। इसी दौरान वहां से दो साइकिल सवार गुजर रहे होते हैं। इनमें से एक पीले कपड़े पहने शिष्य था। दोनों यह दृश्य देखकर सहम जाते हैं। इसके अलावा पानी की सप्लाई करने वाली गाड़ी भी उसी समय वहां पहुंचती है। दूसरा वीडियो: 3 अक्टूबर को सामने आए दूसरे वीडियो में दिख रहा कि रसिक दुलारी शरण छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे हुए हैं। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। शोर सुनकर दूसरा शिष्य दौड़ता हुआ पहुंचता है। नीचे झांककर देखता है। तीसरा वीडियो: 5 अक्टूबर को सामने आए 33 सेकंड के तीसरे वीडियो में रसिक दुलारी शरण सीढ़ियों से चढ़ते हुए छत पर जाते हुए दिख रहे हैं। वह सफेद धोती और सफेद बंडी पहने हुए हैं। पीले रंग की चादर शरीर पर डाले हुए दिख रहे। उनकी धोती पर खून के निशान दिखाई दे रहे हैं। सीढ़ियों पर चढ़ते वक्त ऐसा लग रहा कि उनको चलने में थोड़ी दिक्कत हो रही। बताया जा रहा कि यह वीडियो आत्महत्या करने के पहले छत पर जाते समय का है। चौथा वीडियो: ये वीडियो 12 सेकेंड का है। इसमें दिख रहा है कि रसिक दुलारी एक कमरे से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने सफेद रंग का हाफ कुर्ता और पीले रंगे की धोती पहनी हुई है। माथे पर सफेद रंग का चंदन लगा रखा है। वह लड़खड़ाते हुए और कपड़े ठीक करते हुए धीरे -धीरे चल रहे हैं। देखने से ऐसा लग रहा है जैसे उनके पैर या शरीर में कहीं चोट लगी है। उन्हें दर्द हो रहा है। वह 19 कदम चलते हैं उसके बाद सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए गैलरी से दूसरे तरफ मुड़ जाते हैं। उन्होंने पैर में चप्पल या खड़ाऊ भी नहीं पहनी हुई है। कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से कृपा कुंज में रह रहे थे रसिक दुलारी वृंदावन के वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में 3 महीने से रहते थे। बिल्डिंग की छत से कूदकर उन्होंने जान दे दी थी। पुलिस के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण को गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया था कि रसिक दुलारी के प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया था। पोस्टमॉर्टम में प्राइवेट पार्ट पर कट के निशान 26 सितंबर को रसिक दुलारी शरण दास का पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर पर सिर, पैर और कमर में चोट के निशान मिले। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर भी कट के निशान पाए गए। दो साल पहले ली थी प्रेमानंद महाराज से दीक्षा रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्होंने अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। वह बिजली का काम जानते थे, इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था। दीपक दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर थे। उनसे बड़ी एक बहन हैं, जबकि छोटे भाई का नाम मनीष है। मां ने कहा- मिलने नहीं दिया जाता था बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचीं रसिक दुलारी की मां लौंग बाई ने कहा कि दो साल पहले उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। उन्हें सूचना मिली कि बेटा गिर गया है, जिसके बाद वे आनन-फानन में वृंदावन पहुंचीं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी बेटे से मिलने आई थीं, लेकिन उन्हें मुलाकात नहीं करने दी गई। उन्होंने कहा कि भगवान दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… मां बोलीं- 2 साल से बेटे का चेहरा नहीं देखा:मथुरा में रसिक दुलारी की मौत; भाई बोला- सेना में जाना चाहता था, भक्ति की राह पर चला गया संत प्रेमानंद महाराज के साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि दीपक आत्महत्या नहीं कर सकता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें

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