संविदाकर्मियों की हड़ताल से इलाज ठप:कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में NHM के 135 संविदाकर्मी हड़ताल पर, जांच के लिए घंटों इंतजार
कुशीनगर में एनएचएम संविदाकर्मियों की हड़ताल के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ने से पंजीकरण, डॉक्टरों से परामर्श और जांच केंद्रों पर दबाव है। पैथोलॉजी, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अगले दिन आने को कहा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से जुड़े 16 डॉक्टरों समेत करीब 135 संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं। इनमें छह ईएमओ और चार विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हैं। मरीजों का कहना है कि दूर-दराज से अस्पताल पहुंचने के बाद भी समय पर जांच नहीं हो पा रही है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि नियमित कर्मचारियों और उपलब्ध संसाधनों से इलाज जारी है, लेकिन कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है। ओपीडी से जांच केंद्रों तक बढ़ीं कतारें हड़ताल के बीच मरीजों की बढ़ती संख्या से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और जांच केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है। पैथोलॉजी में जांच कराने वालों की संख्या बढ़ने के कारण कुछ मरीजों को रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया जा रहा है। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को दोबारा अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। रेडियोलॉजी विभाग में भी एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
सुबह 8 बजे पहुंची महिला को नहीं मिला इलाज महिला मरीज शुभान्ति ने बताया कि वह सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंच गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ा। मरीजों का कहना है कि जांच की सीमित क्षमता के कारण समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि बच्चे के पैर की उंगली टूट गई है। दवा तो मिल गई, लेकिन प्लास्टर कराने के लिए घंटों से इंतजार करना पड़ रहा है। 16 डॉक्टर समेत 135 संविदाकर्मी हड़ताल पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से जुड़े करीब 135 संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं। इनमें 16 डॉक्टर, छह ईएमओ और चार विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। संविदाकर्मियों की अनुपस्थिति के बीच अस्पताल में उपलब्ध नियमित कर्मचारियों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। हालांकि, मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण पंजीकरण, परामर्श और जांच की प्रक्रिया पर दबाव बढ़ा है। सीएमएस बोले- नियमित कर्मचारियों पर बढ़ा काम का दबाव मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि एनएचएम संविदाकर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई हैं। उपलब्ध संसाधनों और नियमित कर्मचारियों के जरिए मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने माना कि संविदाकर्मियों के काम पर नहीं आने से नियमित कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है। वहीं, मरीजों को जांच और रिपोर्ट के लिए करना पड़ रहा इंतजार परेशानी का कारण बना हुआ है।
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