सोनभद्र में 35 साल पुरानी दुर्गा-पूजा स्थल पर अतिक्रमण:ग्रामीण बोले- पूजा स्थल पर नहीं बची पर्याप्त जगह, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
सोनभद्र के चतरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पडरी कलां में 35 वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा की परंपरा इस बार कथित अतिक्रमण के चलते संकट में पड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूजा स्थल पर पर्याप्त जगह नहीं बची है, जिससे इस बार प्रतिमा स्थापना और आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 35 वर्ष पहले पडरी कलां में दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। उस समय आसपास के कई गांवों में भी दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं होता था। धीरे-धीरे आसपास के गांवों के लोग भी पडरी कलां की पूजा में शामिल होने लगे। हर वर्ष इसी स्थान पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समय के साथ यह आयोजन क्षेत्र की आस्था और परंपरा का हिस्सा बन गया। शिकायतों के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा, प्रधान ने उठाए सवाल ग्राम प्रधान विजय कुमार ने बताया कि पूजा स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए थाना दिवस, तहसील दिवस, एसडीएम सदर, एडीएम और जिलाधिकारी से शिकायत की गई। मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। प्रधान का आरोप है कि लेखपाल की ओर से जमीन खाली होने की आख्या दी गई, जबकि मौके पर अतिक्रमण बना हुआ है। प्रधान बोले- अतिक्रमण नहीं हटा तो अध्यक्ष पद छोड़ दूंगा मामले से नाराज ग्राम प्रधान विजय कुमार ने दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष पद से हटने और आयोजन में सहयोग नहीं करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक पूजा स्थल पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं होता, वह समिति के अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगे। कब्जाधारक महिला बोली- जमीन मेरी, पूजा के लिए जगह देने को तैयार वहीं, जमीन पर कब्जे के आरोप का सामना कर रही महिला दुर्वासा का कहना है कि जमीन उनकी है। उन्होंने कहा कि विधिवत पूजा होने पर वह किनारे की ओर से आयोजन के लिए जगह देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष की ओर से विवाद नहीं होना चाहिए। एसडीएम बोले- जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई एसडीएम सदर आशीष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामले में पन्नूगंज थाना प्रभारी को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि न्यायालय में धारा 67 के तहत कार्रवाई भी की गई है। दो-तीन दिनों में स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा। पूजा का समय नजदीक, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर पूजा का समय नजदीक आने के साथ ग्रामीणों की निगाह अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते विवाद का समाधान कर 35 साल पुरानी दुर्गा पूजा की परंपरा को टूटने से बचाया जा सकेगा।
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