सऊदी अरब भेजने के नाम पर 2.22 लाख रुपए ठगे:वीजा और कागजात के लिए रुपए, एक साल तक टालता रहा, कोर्ट के आदेश पर FIR
सऊदी अरब भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से 2.22 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने वीजा और अन्य कागजात तैयार कराने के नाम पर रुपए लिए, लेकिन करीब एक साल तक न तो सऊदी भेजा और न ही रुपए वापस किए। पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद देवबंद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना देवबंद के गांव जहिरपुर निवासी खुशनसीब ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके भाई अनस, तजम्मुल और चाचा उवेश सऊदी अरब जाना चाहते थे। तीनों ने पासपोर्ट भी बनवा लिए थे। अगस्त 2025 में ग्राम राजूपुर स्थित जनसेवा केंद्र के संचालक अज्जू ने खुशनसीब को बताया कि ग्राम तिघरी निवासी फिरोज बेरोजगार युवकों को सऊदी अरब भेजने का काम करता है। वह उसके भाई और चाचा का वीजा बनवाकर उन्हें सऊदी अरब भेज देगा। इसके बाद अज्जू ने खुशनसीब और उसके परिजनों की मुलाकात फिरोज से कराई। आरोप है कि फिरोज ने सऊदी भेजने, वीजा और अन्य कागजात तैयार कराने के नाम पर कुल 2.22 लाख रुपए लेने की बात कही। इसके बाद खुशनसीब ने अपने भाई के मोबाइल नंबर से आरोपी के मोबाइल नंबर पर अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन रुपए भेजे। 31 अगस्त 2025 को 10 हजार, 8 सितंबर को 5 हजार, 15 सितंबर को 10 हजार, 14 अक्टूबर को 10 हजार और 31 अक्टूबर को 3 हजार रुपए दिए गए। इस तरह कुल 38 हजार रुपए मोबाइल के माध्यम से दिए गए। शेष 1.84 लाख रुपए खुशनसीब ने आरोपी फिरोज को गवाहों की मौजूदगी में नकद दिए। प्रार्थी के मुताबिक नकद रकम आसिफ पुत्र नसीम निवासी भूराहेड़ी थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर तथा गुलसनव्वर पुत्र अकरम, अब्दुल समद पुत्र अब्दुल समी और अब्दुल समी पुत्र शहीद निवासी जहीरपुर के सामने दी गई। आरोप है कि फिरोज ने खुशनसीब के भाई और चाचा से कुछ कागजात भी लिए और उन पर अंगूठे आदि लगवाए। करीब एक साल तक करता रहा टालमटोल शिकायत के अनुसार रुपए लेने के बाद काफी समय बीत गया, लेकिन सऊदी भेजने या वीजा तैयार होने की कोई सूचना नहीं दी गई। खुशनसीब अपने भाई और चाचा को लेकर आरोपी के पास पहुंचा तो वह आजकल में काम होने की बात कहकर टालता रहा। आरोप है कि इसी तरह करीब एक साल बीत गया। 22 जून 2026 को खुशनसीब अपने भाई और चाचा को सऊदी भेजने के लिए वीजा की जानकारी लेने फिरोज के पास पहुंचा। आरोप है कि फिरोज ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और तैश में आकर गाली-गलौज तथा मारपीट शुरू कर दी। खुशनसीब का आरोप है कि आरोपी ने उसे मां-बहन की गालियां दीं, मारपीट की और रुपए वापस करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि फिरोज ने धोखे से उसे विश्वास में लेकर 2.22 लाख रुपए हड़प लिए। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की मांग की गई। चौकी से लेकर एसएसपी तक लगाई गुहार खुशनसीब के मुताबिक घटना के बाद 22 जून को वह पुलिस चौकी राजूपुर गया और पूरी घटना बताई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद थाना देवबंद में भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। 2 जुलाई 2026 को एसएसपी सहारनपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। वहां से भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने एसएसपी को दोबारा रजिस्ट्री डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद खुशनसीब ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट में एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र की प्रति और रजिस्ट्री की मूल रसीद भी संलग्न की गई। कोर्ट के आदेश के बाद देवबंद पुलिस ने आरोपी फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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