सपा के 9 नेताओं समेत 400 अज्ञात पर केस दर्ज:पुतला दहन के प्रयास, नारेबाजी और पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप
मऊ में 5 अक्टूबर को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पैदल मार्च के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मार्च के दौरान पुतला दहन का प्रयास, कथित तौर पर उत्तेजक एवं अभद्र नारेबाजी तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 9 नामजद समेत करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुकदमा 6 अक्टूबर की शाम 5:51 बजे कोतवाली थाने में दर्ज किया गया।FIR के अनुसार आजमगढ़ तिराहे के पास कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुतला हाथ में लेकर उसे जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुतला कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के हाथ झुलसने की स्थिति का भी FIR में उल्लेख किया गया है।पुलिस का आरोप है कि इसके बाद गाजीपुर तिराहे और कलेक्ट्रेट परिसर में भी पुतला जलाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। समझाने के बावजूद नारेबाजी जारी रखने और पुलिस के वैधानिक कार्य में बाधा डालने का आरोप भी लगाया गया है। कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 189(2), 221 और 287 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना उपनिरीक्षक काली शंकर तिवारी को सौंपी गई है।नामजद आरोपियों में सपा नेता मयंक पांडे, अजय यादव उर्फ प्रियांशु, शाहनवाज आलम, रवि प्रकाश, अखिलेश भारती, देवेंद्र पांडे उर्फ सत्यम, आशीष यादव, उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित समेत अन्य का नाम शामिल है। पुलिस के अनुसार कुल 9 लोगों को नामजद किया गया है और करीब 400 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो, फोटो, CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की बात कही है। एसपी मऊ कमलेश बहादुर ने बताया कि 5 अक्टूबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम के दौरान कुछ सपा तथा सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार सड़क पर अव्यवस्था पैदा करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के संबंध में कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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