सपा में राज्यसभा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस बरकरार:गिनती पूरी करने में जुटी सपा, फूंक-फूंक कर कदम रख रहे अखिलेश
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर असमंजस बरकरार है। संख्याबल के लिहाज़ से कम से कम 10 विधायकों की जरूरत अखिलेश यादव को पड़ेगी। इसमें भी सुभासपा के दो और रालोद के दो विधायकों को सपा के पाले में गिन भी लिया जाए तो भी 6 विधायकों की जरूरत कांग्रेस के सपोर्ट के बाद पड़ेगी। अब इन्हीं 6 विधायकों को लेकर पार्टी गुणा गणित लगा रही है और नफा नुकसान का आंकलन कर रही है। सपा को चाहिए कम से कम 10 अतिरिक्त विधायकों के वोट भाजपा में क्रॉस वोटिंग के ज़रिए अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संदेश देना चाहती है। साथ ही जोखिम इस बात का भी है कि कहीं भाजपा भी सपा में सेंधमारी न कर दे। अभी एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट चाहिए। राज्यसभा की 10 में से 9 सीटों का मामला लगभग तय है, 7 भाजपा और 2 सपा। असली लड़ाई 10वीं सीट के लिए है। सपा के पास मौजूदा समय में 99 विधायक हैं। दो सीटें जिताने के बाद भी उसके पास कम से कम 25 अतिरिक्त वोट बचेंगे। कांग्रेस के दो विधायकों को जोड़ भी लें तो भी ये संख्या 27 तक पहुंचती है। 10 वोटों की जरूरत तब भी पड़ेगी। ऐसे में समाजवादी पार्टी सीधे भाजपा के विधायकों को तोड़ने के बजाए एनडीए के घटक दलों के विधायकों को तोड़ने पर काम कर रही है। सुभासपा और आरएलडी के विधायक सपा के संपर्क में भी हैं। सपा के तीसरे कैंडीडेट पर भाजपा की भी निगाह भाजपा भी इस बार थोड़ी चिंतित है। 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इस बार वही खतरा भाजपा पर मंडरा रहा है। अगर सपा तीसरा कैंडीडेट लेकर आती है और नौबत वोटिंग की आती है तो राज्यसभा चुनाव में ही दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त घमासान देखने को मिल सकता है। क्योंकि यूपी की दोनों ही प्रमुख पार्टियां भाजपा व सपा दोनों विधानसभा चुनाव से पहले खुद के कमजोर होने का मैसेज बिल्कुल भी नहीं देना चाहेंगी। यही वजह है कि अखिलेश यादव तीसरे कैंडीडेट की घोषणा से पहले ही कहते रहे हैं कि नंबर पूरा होने पर वे तीसरा कैंडीडेट उतारेंगे। सपा के दो प्रत्याशियों ने किया है नामांकन समाजवादी पार्टी ने 30 सितंबर को दो प्रत्याशियों की घोषणा की थी और दोनों ही प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। इसमें पहले नंबर पर राज्यसभा में पांच बार सपा का नेतृत्व कर चुके राम गोपाल यादव और बिजनेसमैन धनराज परिमल नाथवानी शामिल थे। धनराज नाथवानी परिमल नाथवानी के बेटे हैं जो झारखंड से भाजपा के समर्थन से राज्यसभा चुनाव जीते थे।
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