सुल्तानपुर के 150 साल पुराने घंटाघर का बदला स्वरूप:32 लाख से लगा 64 वाटरप्रूफ लाइटें-घड़ी, अयोध्या-हजरतगंज की तर्ज पर बदलेंगे दुकानदारों के बोर्ड
सुल्तानपुर में चौक घंटाघर के सौंदर्यीकरण ने इसका रूप बदल दिया है। 150 वर्ष पूर्व बने घंटाघर में करीब 32 लाख की लागत से हुए विकास कार्यों से इसकी कायाकल्प ही बदल गई है। घंटाघर पर वाटर प्रूफ फ्लैश फसाड लाइट लगाई गई हैं, जिनकी संख्या 64 हैं। 4 स्टेप में 16-16 लाइटे लगी हुईं हैं ये लाइटे नीली, गुलाबी ऐसे रगो में बदलती रहती हैं। घड़ी से लेकर लाइटे सब फिलिप्स कंपनी की लगाई गई हैं। चौक सभासद दिनेश चौरसिया के अनुसार, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल की सोच और विजन के तहत चौक घंटाघर का सौंदर्यीकरण कराया गया है। इस कार्य में लगाई गई सभी सामग्रियां (फिलिप्स कंपनी की) उच्च गुणवत्ता वाली और पूरी तरह वाटर-प्रूफ हैं। इसमें जीएसटी सहित लगभग 32 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण का काम किया गया है। दुर्गापूजा और अन्य आयोजनों को ध्यान में रखते हुए चौक के चारों तरफ की सड़कों, डिवाइडरों और रोशनी का उच्चीकरण व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष की यह भी योजना है कि चौक घंटाघर के पास स्थित सभी दुकानदारों के बोर्ड अयोध्या और हजरतगंज की तर्ज पर एक ही रंग और प्रारूप में लगवाए जाएं, जिससे इसकी सुंदरता और अधिक बढ़ जाए। सभासद ने सुल्तानपुर की जनता से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें, कचरा इधर-उधर न फेंकें और रात-दिन काम कर रहे कर्मचारियों का साथ दें ताकि सुल्तानपुर को एक सुंदर शहर बनाया जा सके। बता दें कि प्रदेश में लखनऊ के बाद दूसरा सबसे बड़ा घंटाघर है जिसकी खासियत यह है कि इस घंटाघर के बीच में दक्षिण दिशा की तरफ से एक पतली गली आती है। जिसमें हनुमान जी का एक मंदिर स्थापित है। साथ ही घंटाघर के चारों तरफ कपड़े आदि की दुकानें संचालित की जाती है।
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