सुल्तानपुर के पूर्व मंत्री ओपी सिंह कांग्रेस में शामिल:राहुल-प्रियंका के सामने ली सदस्यता, स्वामी प्रसाद मौर्या ने मिलवाया
सुल्तानपुर में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। पूर्व मंत्री ओपी सिंह ने दो दिन पूर्व राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के समक्ष कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली। इन नेताओं से उन्हें मिलवाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या रहे। ओपी सिंह का प्रभाव किसी एक दल तक सीमित नहीं है। उनका रसूख हर दल में गहराई तक है। इसका कारण उनका राजनीतिक गुरु स्व. कल्याण सिंह को माना जाता है जो उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। ओपी सिंह 2002 और 2007 में जयसिंहपुर विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें खेल मंत्री बनाया था। बाद में बसपा छोड़कर वे कुछ समय के लिए कांग्रेस में शामिल हुए। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा में पुनः घर वापसी की। लंबे अंतराल के बाद मैदान में उतरे ओपी सिंह भले ही जीत न सके, लेकिन उन्होंने भाजपा के वोटों में जमकर सेंधमारी की थी। वर्तमान में ओपी सिंह पूर्व विधायकों के संगठन के अध्यक्ष हैं। जानकारों की मानें तो पार्टी कैडर के अलावा क्षेत्र में वोटरों पर उनकी अपनी काफी मजबूत पकड़ है। बताया जा रहा है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस जयसिंहपुर सीट पर ओपी सिंह पर दांव लगाने को तैयार है। इसके पीछे जो बात छन कर सामने आई है वो ये कि यहां से दो बार के प्रत्याशी रहे चेहरे को सपा दूसरी सीट पर शिफ्ट करेगी। उनके वर्ग का वोट ओपी सिंह की ओर शिफ्ट होगा। इसके अलावा लंभुआ से सपा निषाद समाज का एक टिकट लगभग फाइनल टच में ला चुकी है। इस बिरादरी का वोट भी जयसिंहपुर में ठीक ठाक है जो ओपी सिंह की ओर कन्वर्ट होगा। इसके अलावा यहां का मुस्लिम, यादव और दलित वोटर पहले से ही एक बड़ी संख्या में ओपी सिंह के साथ जुड़ा रहा है जो उन्हें लाभ पहुंचाएगा। इस अंदरूनी रिपोर्ट को कलेक्ट करने के बाद कांग्रेस नेतृत्व उन पर भरोसा जताने को तैयार हुआ है।
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