सुल्तानपुर में जश्न-ए गौसुल वरा:बच्चों ने पोस्टर पर लिखा- मां बाप की इज्ज्त, बेटी की सबसे बड़ी दौलत, सुनाया गया किस्सा
सुल्तानपुर शहर और आसपास के इलाकों में गुरुवार रात जश्न-ए ग़ौसुल वरा का कार्यक्रम हुआ। बारिश की वजह से कार्यक्रम में थोड़ी दिक्कत हुई और भीड़ भी जल्दी कम हो गई। दरियापुर खैराबाद के सूरज टॉकीज चौराहे पर अंजुमन 786 लंगरे आम ने एक स्टेज लगाया था। यहां नात और तकरीर पढ़ी गईं। बच्चों ने हाथों में पोस्टर लेकर संदेश दिया कि इस्लाम की शहजादियां पर्दे में रहती हैं। पोस्टर पर यह भी लिखा था कि हर कीमती चीज पर्दे में होती है। इस कार्यक्रम में गुफरान अहमद सैफी, कामरान अहमद, आसिफ जिलानी, महताब अहमद खान और खुर्शीद अहमद जैसे लोग शामिल थे। दावते इस्लामी के मोहम्मद मेराज अंसारी ने बताया कि जश्न-ए ग़ौसुल वरा पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इराक के बगदाद में भी इसे मनाते हैं और इसकी रौनक सुल्तानपुर में भी दिखी। मोहम्मद मेराज अंसारी ने गौस पाक से जुड़ा 'सच्चा बालक' नाम का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब वह छोटे थे, तब उन्होंने यह कहानी पढ़ी थी। कहानी के मुताबिक, गौस पाक की मां ने उनसे कभी झूठ न बोलने को कहा था। एक बार जब गौस पाक यात्रा पर निकले, तो डाकुओं ने उन पर हमला कर दिया। डाकुओं ने उनसे पूछा कि उनके पास क्या है। उनकी सदरी के अंदर चालीस अशरफियां थीं, लेकिन उन्होंने झूठ नहीं बोला और सच बता दिया। डाकुओं ने उनसे पूछा कि उन्होंने सच क्यों बताया, जबकि वे इस बारे में नहीं जानते थे। इस पर गौस पाक ने जवाब दिया कि उनकी मां ने उन्हें कभी झूठ न बोलने की सीख दी थी।
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