अम्बेडकरनगर में दहेज के लिए पत्नी की हत्या:पति को उम्रकैद; 4 हजार रुपए जुर्माना भी, 2020 में हुई थी वारदात
अम्बेडकरनगर के टांडा में दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पवन कुमार शुक्ला ने दोषी जितेंद्र को उम्रकैद के साथ 4 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामला टांडा क्षेत्र के चिंतौरा गांव का है। घटना वर्ष 2020 की है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, लीलावती की बेटी सपना ने घटना से करीब छह साल पहले चिंतौरा निवासी जितेंद्र से अपनी मर्जी से शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही जितेंद्र बाइक की मांग को लेकर सपना को परेशान करता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए थे। रात में कुल्हाड़ी से गले पर किया हमला अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2 और 3 जुलाई 2020 की रात जितेंद्र ने सपना के गले पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। आरोप है कि उसने सपना की जीभ भी काट दी थी। गंभीर हालत में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सपना को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। हालांकि, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे सपना को लखनऊ नहीं ले जा सके। बाद में उसकी मौत हो गई। मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा घटना के बाद 4 जुलाई 2020 को सपना की मां लीलावती की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लीलावती समेत कुल आठ गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए गए। पति ने कहा- घर पर नहीं था, अज्ञात व्यक्ति ने की हत्या सुनवाई के दौरान जितेंद्र ने अपने बचाव में कहा कि घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। उसने दावा किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी की हत्या की है। हालांकि, अदालत में वह अपने इस दावे के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सका। गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनाई सजा अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपों को सही माना। इसके बाद कोर्ट ने जितेंद्र को आजीवन कारावास और 4 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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