सुलतानपुर में महाराजा अग्रसेन जयंती मनाई:वक्ताओं ने 'एक ईंट-एक रुपया' के सिद्धांत को बताया समरसता का प्रतीक
रविवार को महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पूरी श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के प्रबुद्धजनों ने एकजुट होकर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बताए गए आदर्शों व सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। समारोह की शुरुआत में अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष एकत्र होकर भव्य माल्यार्पण किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार किया गया और उपस्थित लोगों द्वारा लगाए गए 'महाराजा अग्रसेन की जय' के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महाराजा अग्रसेन के जीवन-दर्शन और उनके महान आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि वे समाजवाद और अहिंसा के सच्चे अग्रदूत थे। उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन का 'एक ईंट और एक रुपया' का सिद्धांत सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और आर्थिक समानता का एक अनुपम उदाहरण है, जो आज के आधुनिक समय में भी समाज के लिए पूरी तरह प्रासंगिक और प्रेरणादायक है। नागरिक माल्यार्पण और विचार गोष्ठी के उपरांत, कार्यक्रम के अंत में वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और आमजन के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन में समाज के कई गणमान्य नागरिक, व्यापारी प्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे।
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