‘डर पैदा कीजिए’, दुष्कर्म मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की दिल्ली पुलिस को फटकार

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। अदालत ने दिल्ली पुलिस से महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल निगरानी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी लगातार निगरानी भी होनी चाहिए।

Oct 05, 2026 - 12:35
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‘डर पैदा कीजिए’, दुष्कर्म मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की दिल्ली पुलिस को फटकार

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 अक्टूबर 2026

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की। राजधानी में दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं को लेकर अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस आयुक्त भी अदालत में मौजूद रहे। न्यायमूर्ति पारडीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस की व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए।

केवल निगरानी कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी कैमरे लगा देना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने पूछा कि इन कैमरों की लगातार निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की गई है। पीठ ने यह भी सवाल किया कि क्या दिल्ली पुलिस के पास ऐसी व्यवस्था है, जहां से महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार नजर रखी जा सके।

‘युद्ध कक्ष जैसी व्यवस्था है या नहीं

सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्या उसके पास युद्ध कक्ष जैसी कोई व्यवस्था है, जहां से लगातार निगरानी की जा सके। अदालत का जोर इस बात पर था कि किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे रोकने के लिए पहले से प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। न्यायालय ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

हर महिला को सुरक्षित महसूस होना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में हर महिला को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। अदालत ने कहा कि सुरक्षा का एहसास केवल कागजों या पुलिस के दावों तक सीमित नहीं होना चाहिए। महिला चाहे रात के समय सड़क पर पैदल चल रही हो या सार्वजनिक परिवहन से यात्रा कर रही हो, उसे किसी भी तरह का डर महसूस नहीं होना चाहिए।

रात में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष चिंता

अदालत ने विशेष रूप से रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दिल्ली जैसे बड़े शहर में महिलाएं देर रात काम, पढ़ाई या अन्य जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलती हैं। ऐसे में सड़क, सार्वजनिक परिवहन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है। अदालत ने पुलिस से ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई, जिससे महिलाओं में भरोसा कायम हो।

दुष्कर्म की घटनाओं पर अदालत सख्त

महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत यह देख रही है कि दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम के लिए किस तरह की व्यवस्था लागू कर रही है। सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन को यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

पुलिस की जिम्मेदारी पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की जिम्मेदारी को लेकर भी गंभीरता दिखाई। अदालत का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए जिससे अपराध करने वालों में कानून का डर पैदा हो। इसके साथ ही महिलाओं को यह भरोसा मिलना चाहिए कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध होगी।

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