स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:बीते समय की यादें और भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में प्रसन्नता के साथ जीना चाहिए
हम भविष्य की चिंता में अपना बहुत-सा समय व्यर्थ खर्च कर देते हैं। भविष्य के बारे में हमारे अनुमान और योजनाएं ही उसके आकलन का आधार होती हैं। दूसरी ओर, बीते समय और उसकी स्मृतियां हमें कभी आनंद देती हैं, तो कभी दुख पहुंचाती हैं। अतीत केवल स्मृति बनकर हमारे साथ रहता है। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि अतीत कभी लौटकर नहीं आता और भविष्य भी निश्चित नहीं है। हमारे हाथ में केवल वर्तमान है। इसलिए हमें बीती बातों के मोह और आने वाले समय की चिंता छोड़कर वर्तमान को प्रसन्नता और संतोष के साथ जीने का प्रयास करना चाहिए। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए वर्तमान कैसे सुधार सकते हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।
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