स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने डीएम को भेजा ज्ञापन:2020 से पोषाहार वितरण का भुगतान न मिलने पर धरने की चेतावनी दी
फतेहपुर जनपद के विभिन्न विकास खंडों की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने वर्ष 2020 से लंबित पोषाहार वितरण के बकाए भुगतान को लेकर मंगलवार को करीब एक बजे के आस पास डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। महिलाओं का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से लगातार काम करने के बावजूद उन्हें अब तक एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत जनपद फतेहपुर के 5 विकास खंडों—भिटौरा, तेलियानी, हथगाँव, मलवाँ और धाता की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 से लेकर 2024 व 2025 तक अपने निजी पैसों और कर्ज लेकर पोषाहार वितरण का कार्य पूरा किया। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई भुगतान जारी नहीं किया गया है। पैसों का इस्तेमाल पोषाहार वितरण में किया गया पीड़ित महिलाओं ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। बकाये का स्पष्टीकरण, कुल कितना भुगतान बनता है और कितना बकाया है, इसकी जानकारी दी जाए। भुगतान की गणना का आधार, भुगतान लाभार्थी बच्चों की संख्या के आधार पर किया जा रहा है या प्रति माह के आधार पर, यह स्पष्ट किया जाए। रिकवरी का दबाव: CLF से आए CIF के पैसों का इस्तेमाल पोषाहार वितरण में किया गया था, लेकिन अब विभाग द्वारा उन पर पैसे वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। महिलाओं ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे आत्मनिर्भरता की उम्मीद में इस मिशन से जुड़ी थीं, लेकिन उन्हें कोई मानदेय या भुगतान नहीं मिल रहा है। ज्ञापन सौंपने वाली पिंकी, रामा देवी, आसमा और आरती वर्मा समेत अन्य महिलाओं ने जिलाधिकारी से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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