तेजस्विनी-लक्ष्मी ने समूह बनाकर 60 महिलाओं को दिया रोजगार:6 साल में सिलाई और कॉस्मेटिक दुकान से बनीं आत्मनिर्भर, खुद कमा रहीं 4-5 हजार रुपए
सपनों को साकार करने का अटूट हौसला हो तो आर्थिक तंगी कभी बाधा नहीं बन सकती। कुछ इसी तरीके से गोंडा के बभनजोत विकासखंड स्थित पिपरा इस्माइल गांव की लक्ष्मी ने यह साबित कर दिखाया है। छह वर्ष पूर्व पति पर आर्थिक निर्भरता समाप्त करने का संकल्प लेकर निकली यह गृहणी आज न केवल स्वावलंबी बनीं, बल्कि दर्जनों जरूरतमंद ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी साबित हो रही हैं। लक्ष्मी ने छह साल पहले अन्य ग्रामीणों से स्वयं सहायता समूह की कार्यप्रणाली समझी। बिना देर किए वह ब्लॉक मुख्यालय पहुंचीं तथा अधिकारियों के मार्गदर्शन में 11 सदस्यों का संगठन तैयार किया। 20,000 की बचत पूंजी से खड़ा किया 2 लाख का व्यापार प्रारंभ में सामूहिक स्तर पर सिलाई कार्य शुरू हुआ, जिससे प्रत्येक सदस्या को मासिक ₹1,000 से ₹1,500 की आमदनी होने लगी। कड़ी मेहनत के बल पर लक्ष्मी ने चार वर्ष पहले समूह सदस्यों की सहमति से ₹20,000 जुटाए। इस छोटी सी राशि से उन्होंने सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक) की दुकान डाली और साथ में परिधान सिलाई का काम भी जारी रखा। धीरे-धीरे बिक्री बढ़ी तो मुनाफा भी बढ़ता गया। वर्तमान में उनके प्रतिष्ठान में ₹2 लाख से अधिक मूल्य का सामान उपलब्ध है, जिससे उन्हें हर महीने ₹4,000 से ₹5,000 की शुद्ध आय अर्जित हो रही है। साठ परिवारों का सहारा बनीं लक्ष्मी के साथ अब 60 ग्रामीण महिलाएं जुड़ चुकी हैं जिनको लक्ष्मी ने रोजगार दे रखा है। विपत्ति में घिरी कोई भी बहन जब मदद मांगने आती है, तो उसे तत्काल संगठन से जोड़कर आजीविका का साधन उपलब्ध कराया जाता है। लक्ष्मी बताती हैं कि अर्जित मुनाफे से वह बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षा दिला रही हैं। पति-पत्नी दोनों के कमाने से पारिवारिक जीवन सुखी एवं समृद्ध बन गया है। लक्ष्मी का स्पष्ट संदेश है कि जब तक स्त्रियां चारदीवारी से बाहर कदम नहीं निकालेंगी,तब तक शासकीय योजनाओं और दुनियादारी की जानकारी संभव नहीं। महिलाओं को संदेश दहलीज लांघिए, आत्मनिर्भर बनिए साहस जुटाकर समूह से जुड़ना,हुनर सीखना और स्वरोजगार अपनाना ही महिला सशक्तीकरण का वास्तविक मार्ग है। लक्ष्मी ने कहा कि खुद मैं आत्मनिर्भर बनी हूं सरकार से मदद मिलने के बाद कॉस्मेटिक की दुकान करके महीने में चार से 5000 कमा रही हूं। अपने परिवार का पालन पोषण करके अपने बच्चों का खर्च चलाती हूं। बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाती हो मेरा परिवार अच्छा चल रहा है मेरे पति भी कमाते हैं मैं भी थोड़ा काम करती हूं। हम लोगों को यही संदेश देना चाहते हैं कि आप भी इसी तरीके से समूह में जुड़िये अच्छी जानकारी हासिल करके अपना बिजनेस आगे बढाइये। आगे बढ़ने का साहस करिए जब तक आप आगे बढ़कर कुछ नहीं करेंगे घर के अंदर ही रह जाएंगे बाहर नहीं निकालेंगे तो कैसे आप लोगों को जानकारी मिलेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)