एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत; कमर्शियल गैस सिलेंडर अभी भी महंगा
देशभर में आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में अलग-अलग दरें दर्ज की गई हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर भविष्य में बदलाव ला सकता है।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 13 मई 2026 ।
देशभर में आज घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है। हालांकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें पहले की बढ़ोतरी के बाद अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे होटल और छोटे कारोबारियों पर दबाव बना हुआ है।तेल विपणन कंपनियों द्वारा आखिरी बार घरेलू सिलेंडर की कीमतों में संशोधन कुछ महीने पहले किया गया था, जिसके बाद अब तक कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति और आपूर्ति की परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में कीमतों में बदलाव संभव है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की ताजा कीमतें
आज देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत लगभग 939 रुपये के आसपास दर्ज की जा रही है। वहीं मुंबई में यह करीब 912 रुपये में उपलब्ध है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे कम दरों में से एक मानी जा रही है।चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। पटना में यह दर 1000 रुपये से अधिक बनी हुई है, जिससे वहां उपभोक्ताओं पर थोड़ा अधिक बोझ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस की कीमतों में स्थिरता फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में दबाव बरकरार
दूसरी ओर 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अभी भी बढ़े हुए स्तर पर बनी हुई हैं। यह सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में उपयोग किया जाता है। हालिया बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमतों में काफी इजाफा देखा गया है।राजधानी दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत तीन हजार रुपये से अधिक बनी हुई है। चेन्नई, कोलकाता और पटना जैसे शहरों में यह कीमत और भी अधिक दर्ज की जा रही है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य व्यवसाय और छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ने की समस्या सामने आ रही है।
छोटे सिलेंडर और अन्य विकल्पों की स्थिति
बाजार में पांच किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर की भी मांग बनी हुई है, जिसे आमतौर पर सीमित उपयोग के लिए लिया जाता है। इसकी कीमत शहर और बाजार के अनुसार अलग-अलग देखी जा रही है। हाल के समय में इसकी दरों में भी कुछ बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह विकल्प पहले की तुलना में थोड़ा महंगा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे सिलेंडर उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हैं जो कम मात्रा में गैस का उपयोग करते हैं। हालांकि कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण इनकी लोकप्रियता पर भी असर देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और भविष्य की संभावना
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चल रही अनिश्चितताओं का असर एलपीजी कीमतों पर भी देखा जा रहा है। वैश्विक तनाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण आने वाले समय में कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।तेल कंपनियों के सूत्रों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति बिगड़ती है तो घरेलू गैस की कीमतों में संशोधन किया जा सकता है। हालांकि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को किसी बड़े बदलाव का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
आम उपभोक्ताओं के लिए राहत और चिंता दोनों
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता से आम लोगों को राहत मिली है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतें अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। इसका असर बाजार में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कमर्शियल गैस की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इसका असर महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल स्थिति स्थिर है, लेकिन आने वाले दिनों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।