तमिलनाडु सरकार ने RTI पर आदेश वापस लिया:पुलिस कार्रवाई को RTI से बाहर करने का आदेश दिया था; पहले भी 4 फैसलों पर सरकार का यू-टर्न
तमिलनाडु सरकार ने रविवार को पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को RTI से मिली छूट वापस ले ली। यह फैसला आदेश जारी होने के कुछ घंटे बाद लिया गया। सरकार ने पुलिस कार्रवाई, मानवाधिकार शिकायतों और राजनीतिक प्रदर्शनों से जुड़े रिकॉर्ड को RTI से बाहर करने का आदेश दिया था। इस पर सहयोगी दलों और पारदर्शिता के लिए काम करने वाले एक्टिविस्ट्स ने विरोध जताया। विपक्ष ने सवाल उठाए CPI(M) सांसद सु वेंकटेशन ने भी फैसले पर सवाल उठाए। मूल आदेश में पब्लिक (लॉ एंड ऑर्डर) विभाग को तमिलनाडु सरकार की ओर से बनाई गई इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी संस्था बताया गया था। सरकार से जुड़े सुत्रों के मुताबिक, विवादित फैसले पहले सार्वजनिक किए जाते हैं। इसके बाद सरकार राजनीतिक और जनता की प्रतिक्रिया देखकर उन्हें जारी रखने या वापस लेने का फैसला करती है। तमिलनाडु के प्रमुख भ्रष्टाचार-विरोधी संगठन अरप्पोर इयक्कम ने मूल फैसले को “चौंकाने वाला” बताया था। संगठन ने कहा था कि सरकार ने पब्लिक विभाग की लॉ एंड ऑर्डर विंग को RTI Act से बाहर कर दिया। संगठन ने कहा, “पब्लिक विभाग की लॉ एंड ऑर्डर विंग के पास मौजूद हर सूचना को इंटेलिजेंस से जुड़ा बताना बेतुका है। तमिलनाडु सरकार को यह आदेश तुरंत वापस लेना चाहिए।” विजय ने 24 घंटे में ज्योतिषी को OSD पर से हटाया था तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट पास करने के कुछ घंटे बाद ही विजय ने ज्योतिषी राधन पंडित को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (OSD) पद से हटा दिया थी। विजय ने पद से हटाने के 24 घंटे पहले ही उन्हें जिम्मेदारी दी थी, लेकिन विपक्ष और सहयोगी पार्टियों के विरोध के बाद फैसला वापस लेना पड़ा। राधन लंबे समय से विजय के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। उनकी सलाह पर ही 10 मई को विजय के शपथ ग्रहण का समय भी बदला गया था। राधन ज्योतिषी होने के साथ TVK के प्रवक्ता भी रहे हैं।
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