तस्वीरों में देखिए रामनगर की रामलीला:बिना आधुनिक लाइट और मंच के होती है लीला,पहले दिन रावण जन्म और झीर सागर के झांकी का हुआ दर्शन
अनंत चतुर्दशी के बाद रामनगर की गलियां लगातार 31 दिनों तक रामकथा के रंग में रंग जाती हैं। शाम ढलते ही गंगा की ओर से आती हवा के बीच कहीं जय श्रीराम के उद्घोष सुनाई देते हैं तो कहीं श्रद्धालु लीला स्थल की ओर बढ़ते नजर आते हैं। नई पीढ़ी भी मोबाइल कैमरों के साथ रामलीला के मंचन की साक्षी बन रही है। करीब 200 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही रामनगर की रामलीला में कथा, पात्र, प्रसंग, भाव और आस्था की परंपरा आज भी निरंतर बनी हुई है। दर्शकों के चेहरे बदलते रहे, लेकिन लीला की आत्मा और स्वरूप में निरंतरता कायम है। पहले दिन रावण जन्म और झील सागर की भव्य झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोहा। आज की लीला में श्रीअवध में शृंगी ऋषि द्वारा कराए गए यज्ञ, श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म, विराट दर्शन, बाललीला और यज्ञोपवीत संस्कार के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आइए अब देखते हैं लीला की तस्वीर…
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