उन्नाव में आशा-संगिनियों ने राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग की:मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, मानदेय बढ़ाने और इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की भी मांग
उन्नाव में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जिलेभर की आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुईं। करीब 2900 आशा और आशा संगिनियों ने सरकार से उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाने की मांग की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की गई। अछलगंज सीएचसी की आशा संगिनी अनीता कुशवाहा ने बताया कि वर्ष 2006 में आशा कार्यकर्ताओं का चयन हुआ था। उस समय उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में 600 रुपए मिलते थे। करीब 20 साल बीतने के बाद भी कई मदों में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस अवधि में महंगाई काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आशा और आशा संगिनियां लगातार स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन उनके मानदेय को लेकर सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 21 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग आशा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग मदों में भुगतान करने के बजाय निश्चित मानदेय निर्धारित करने की मांग की। उनकी मांग है कि आशा कार्यकर्ताओं को 21 हजार रुपए और आशा संगिनियों को 26 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही आशा और आशा संगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी की गई। इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की भी मांग आशा संगिनी सुनीता ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग राज्य कर्मचारी का दर्जा है। उन्होंने कहा कि संगिनियों को 26 हजार और आशा कार्यकर्ताओं को 18 से 21 हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाना चाहिए। इसके अलावा संगिनियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि आशा संगिनियों को करीब 35 किलोमीटर की रेंज में काम करना पड़ता है। उनके कार्यक्षेत्र में 20 से 25 हजार तक की आबादी आती है। ऐसे में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी मिलने से उन्हें काफी सुविधा होगी। संचारी रोग अभियान समेत कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों में करती हैं काम आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि संचारी रोग अभियान समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रमों में भी उन्हें लगातार काम करना पड़ता है। कई कार्यों के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि काफी कम है। कार्यकर्ताओं ने सरकार से सभी मदों की राशि बढ़ाने के साथ नियमित और सम्मानजनक मानदेय निर्धारित करने की मांग की। प्रदर्शन और ज्ञापन के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं आशा और आशा संगिनियां मौजूद रहीं।
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