उरई में राकेश टिकैत की किसान पंचायत:बुंदेलखंड के लिए अलग पैकेज और कर्जमाफी की मांग, एमएसपी पर सी2+50% फार्मूला लागू करने की मांग
जालौन के उरई स्थित गल्ला मंडी में शुक्रवार दोपहर 1 बजे भारतीय किसान यूनियन की विशाल किसान पंचायत आयोजित हुई। पंचायत को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने संबोधित किया। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए बुंदेलखंड के लिए अलग विशेष पैकेज, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को अतिरिक्त राहत और क्षेत्र के किसानों की कर्जमाफी की मांग उठाई। पंचायत में अतिवृष्टि से फसल और मकान क्षति, खाद-बीज, बिजली, अन्ना मवेशी समेत स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा हुई। राकेश टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से प्राकृतिक आपदाओं और कृषि संकट से जूझ रहा है। उनके मुताबिक किसानों को फसल और अन्य नुकसान का समुचित लाभ नहीं मिल पाने से क्षेत्र से पलायन की स्थिति बन रही है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से बुंदेलखंड के लिए अलग पैकेज घोषित करने की मांग की, ताकि किसानों को राहत देने के साथ कृषि और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें। टिकैत ने कहा कि चुनाव के दौरान किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया गया था, लेकिन किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। उन्होंने किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ने का दावा करते हुए बुंदेलखंड के किसानों की कर्जमाफी की मांग की। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की खनिज संपदा से होने वाले लाभ में स्थानीय लोगों की भी भागीदारी होनी चाहिए। खनिज संसाधनों से होने वाली आय और विकास कार्यों में क्षेत्र के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सी2+50 प्रतिशत फार्मूले पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग दोहराई। बिजली निजीकरण का विरोध, सस्ती बिजली देने की मांग किसान नेता ने बिजली व्यवस्था के निजीकरण का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि बिजली निजी क्षेत्र में जाने से किसानों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर खेती पर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। टिकैत ने पूरे देश के साथ बुंदेलखंड में जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सर्किल रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, इसलिए मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार उनका पुनरीक्षण किया जाना चाहिए। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी सवाल राकेश टिकैत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापारिक समझौते को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारिक समझौते से किसानों को नुकसान की आशंका है तो सरकार को उसके प्रभाव का आकलन करना चाहिए। उन्होंने ऐसे प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग की, जिनसे भारतीय कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका हो। चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर लगाए आरोप पंचायत के दौरान टिकैत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि देश में वोटों की चोरी हो रही है और चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। टिकैत ने चुनाव परिणामों को लेकर भी आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार उनके अनुसार हारे हुए को जीत का प्रमाणपत्र और जीते हुए को हार का प्रमाणपत्र मिलने जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव संबंधी उठाए गए आरोपों का समर्थन किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। 2027 में किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करने का ऐलान उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर टिकैत ने कहा कि वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे और भारतीय किसान यूनियन किसी राजनीतिक दल का समर्थन भी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अपने स्तर पर स्वतंत्र निर्णय लेगी। युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। किसान आंदोलन की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात टिकैत ने 2020-21 के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान उठाई गई कई मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को लगातार चेतावनी दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर विभिन्न जिलों में आंदोलन जारी रखा जाएगा। उरई की किसान पंचायत में स्थानीय समस्याओं के साथ कृषि, बिजली, व्यापार और चुनाव से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे। संगठन की ओर से किसानों की मांगें सरकार तक पहुंचाने और आगे के आंदोलन की रणनीति पर भी जोर दिया गया। हजारों किसान पंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन की विशाल किसान महापंचायत में राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार, प्रदेश अध्यक्ष शर्मा, जिलाध्यक्ष डॉ. द्विजेंद्र निरंजन और पूर्व जिलाध्यक्ष बृजेश राजपूत समेत संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। पंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
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