उर्स-ए-अजमली में पहुंचे हजारों अकीदतमंद:AIMIM जिलाध्यक्ष बोले- CAA-NRC के विरोध के समय कहां थे विपक्षी नेता

Oct 11, 2026 - 16:50
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उर्स-ए-अजमली में पहुंचे हजारों अकीदतमंद:AIMIM जिलाध्यक्ष बोले- CAA-NRC के विरोध के समय कहां थे विपक्षी नेता
संभल में मौलाना मुफ्ती अलहाज अजमल शाह साहब का उर्स-ए-अजमली रविवार दोपहर 2 बजे अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुआ। इसमें हजारों अकीदतमंद पहुंचे। मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों से आए लोगों ने शिरकत की। उर्स में देश में अमन-शांति, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की गई। ‘लोकतंत्र और संविधान को कुचलने का काम हुआ’ उर्स के दौरान AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने दिल्ली में जारी धरना-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या हुई है और लोकतंत्र को कुचलने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन में सभी राजनीतिक दलों का शामिल होना अच्छी बात है। असद अब्दुल्ला ने कहा कि अजमल शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह ने संभल में बड़ी दीनी खिदमत की थी। वह अजीम शख्सियत थे। उर्स के माध्यम से देश की उन्नति, अमन-ओ-अमान और इत्तेहाद का संदेश दिया गया। SIR के मुद्दे पर AIMIM की पहल का किया जिक्र असद अब्दुल्ला ने कहा कि AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने चार-पांच महीने पहले ही SIR के मुद्दे पर 20-21 सांसदों के साथ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि उस समय संसद में विरोध दर्ज कराने वाले सांसदों की संख्या सीमित थी। अब दूसरी पार्टियां भी प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं और AIMIM से सवाल कर रही हैं कि वह विरोध में क्यों नहीं है। CAA-NRC के विरोध को लेकर विपक्ष से सवाल AIMIM जिलाध्यक्ष ने CAA-NRC के विरोध का जिक्र करते हुए राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और चंद्रशेखर आजाद की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इन मुद्दों पर विरोध हो रहा था और लोगों को धर्म, टोपी तथा दाढ़ी के आधार पर निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, तब ये नेता कहां थे? उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों, शरीयत में कथित दखल और युवाओं व महिलाओं के साथ होने वाली ज्यादतियों के मामलों में विपक्षी दलों ने पर्याप्त आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि अब वही दल AIMIM से प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर सवाल कर रहे हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन की पैरवी की असद अब्दुल्ला ने ‘आई लव मोहम्मद’ के नाम पर हुए विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि औरंगाबाद से महाराष्ट्र तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किए गए। उन्होंने कहा कि बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी भी विरोध-प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके को प्राथमिकता देते हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को आगे आना चाहिए। राजनीतिक और दीनी हस्तियां रहीं मौजूद उर्स में AIMIM से संभल विधानसभा के प्रत्याशी हाजी शकील अहमद, सपा नेता साजिद अली खां, चेयरपर्सन पति मुशीर चौधरी, भाजपा नेता जियाउद्दीन और आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष शहजाद खां सहित कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में मुफ्ती राशिद सकाफी, मुफ्ती उमर नईमी, इमाम-ए-ईदगाह मौलाना जहीरुल इस्लाम, मौलाना नईम अशरफी, मौलाना शरीफ लतीफी, मौलाना नय्यर जमाल, मौलाना मुहम्मद हुसैन, मौलाना गुल अजमली, मौलाना अजीम अशरफी, मौलाना मुजीब नक्शबंदी, कारी सरताज अशरफी, कारी शाहिद, कारी सरताज, कारी अकबर अली, कारी साजिद, कारी जाहिद, मास्टर इस्माईल, सरफराज अजमली, सुभान अजमली, गुलवेज कमर, अली अशरफ और ताजदार चिश्ती समेत अन्य लोग मौजूद रहे। समापन पर देश में अमन-शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ की गई।

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