वाग्मी ने बीज बायोप्राइमिंग तकनीक विकसित कर मान बढ़ाआ:प्रतापगढ़ की शोधार्थी ने कृषि उत्पादन और फसल रोगों के प्रबंधन में उपलब्धि हासिल की
प्रतापगढ़ की वाग्मी सिंह ने कृषि अनुसंधान में खास तकनीक विकसित की है। उन्होंने फसल रोगों को रोकने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज बायोप्राइमिंग तकनीक बनाई है। यह पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देगी। सीएसआईआर-सीमैप की शोधार्थी वाग्मी ने यह तकनीक 22 सितंबर 2026 को विकसित की। इसमें पीजीपीआर सूक्ष्मजीवों से बीजों की क्वालिटी और फसल की सेहत सुधारी जाती है। वाग्मी पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ. दिनेश प्रताप सिंह की पोती हैं।
वाग्मी ने 14 रिसर्च पेपर, दो पेटेंट और तीन औषधीय व सुगंधित पौधों की किस्में (सिम-सुरस, सिम-इंदुश्री, सिम-रोही गोल्ड) विकसित कीं। उन्हें ‘यंग साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ और ‘यंग माइक्रोबायोलॉजिस्ट’ पुरस्कार मिले। उन्होंने जर्मनी में ग्लोबल समिट में अपना शोध भी पेश किया। वाग्मी की इस उपलब्धि पर उनके मामा विक्रांत सिंह नवीन ने इसे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया।
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