वैश्विक संवाद में भारतीय संस्कृति:लखनऊ में ब्रह्मर्षि मोहनजी बोले- आंतरिक स्थिरता और करुणा ही वास्तविक सफलता का आधार
आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मर्षि मोहनजी ने लखनऊ स्थित अपने आश्रम पहुंचने के दौरान मीडिया से बातचीत में अमेरिका यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कूटनीति, शिक्षा, व्यापार और आध्यात्मिकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर वैश्विक स्तर पर संवाद हुआ। 30 सितंबर को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद मोहनजी ने 1 अक्टूबर को आयोजित डिप्लोमेसी एंड लीडरशिप इवनिंग में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 40 से अधिक देशों के राजनयिकों, उद्योगपतियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। 2 अक्टूबर को प्रिंसटन विश्वविद्यालय में उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं से जीवन के उद्देश्य, संतोष और नैतिक नेतृत्व पर चर्चा की। मोहनजी ने आंतरिक स्थिरता, आत्म-जुड़ाव, करुणा और मानवीय मूल्यों को वास्तविक सफलता का आधार बताया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। उनका संदेश रहा कि आत्मचिंतन और जिम्मेदार व्यवहार से वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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