वाराणसी में आज से मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध:16 दिन की बंदी, नवरात्र के तुरंत बाद वायु सेना का एयर शो, 26 अक्टूबर तक बंद रहेंगी दुकानें

Oct 11, 2026 - 05:49
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वाराणसी में आज से मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध:16 दिन की बंदी, नवरात्र के तुरंत बाद वायु सेना का एयर शो, 26 अक्टूबर तक बंद रहेंगी दुकानें
त्योहारों के सीजन और भारतीय वायु सेना के भव्य कार्यक्रम को देखते हुए वाराणसी में आज से मांस और मछली की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लागू हो गए हैं। नगर निगम वाराणसी ने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो अलग-अलग चरणों में पूर्ण प्रतिबंध का आदेश जारी किया है। पहले चरण में जहां शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे शहर की दुकानें बंद कराई जा रही हैं। वहीं दूसरे चरण में नमो घाट पर होने वाले ऐतिहासिक 'एयर शो डिस्प्ले' के मद्देनजर फाइटर जेट्स की सुरक्षा के लिए मांस की कटिंग और बिक्री पर रोक बढ़ाई गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 11 से 19 अक्टूबर तक नवरात्र के चलते पूरे शहर में पूर्ण बंदी वाराणसी के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और पवित्रता को बनाए रखने के लिए 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक शहर की सभी मांस, मछली और मुर्गी की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखने का सख्त निर्देश जारी किया गया है। नगर निगम के सभी जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों को जमीन पर उतरकर सघन अभियान चलाने को कहा गया है ताकि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो सके। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वाले कर्मचारियों और नियमों को तोड़ने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। काशी विश्वनाथ धाम के 2 किमी दायरे में हमेशा के लिए रोक शासनादेश और नगर निगम सदन के प्रस्ताव का हवाला देते हुए डॉ. विजय अमृतराज ने स्पष्ट किया है कि नवरात्र के अलावा भी विशिष्ट धार्मिक क्षेत्रों में यह पाबंदी बेहद सख्त रहेगी। इसके तहत शहर के किसी भी धार्मिक स्थल या मंदिर के 500 मीटर के परिक्षेत्र में मांस की बिक्री और पशुवध पर पूरी तरह रोक है। इसके साथ ही, श्री काशी विश्वनाथ धाम को केंद्र मानकर उसके दो किलोमीटर की परिधि में मांस की बिक्री, भंडारण, उपयोग और पशुवध को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। नमो घाट से 30 किलोमीटर की परिधि सील वाराणसी में होने वाले ऐतिहासिक एयर शो के दौरान आसमान में उड़ान भरने वाले फाइटर जेट्स की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। आसमान में पक्षियों के झुंड के कारण होने वाले 'बर्ड-हिट' (विमान से पक्षी का टकराना) की आशंका को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़ा कदम उठाया है। नमो घाट को केंद्र मानकर उसके 20 से 30 किलोमीटर के विशाल दायरे में 19 अक्टूबर से लेकर 26 अक्टूबर तक मांस-मछली की कटिंग और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दरअसल, खुले में मांस कटने से वहां चील, कौवे और अन्य पक्षी भारी संख्या में मंडराते हैं, जो तेज रफ्तार लड़ाकू विमानों के लिए बेहद घातक साबित हो सकते हैं। मुख्य एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को आयोजित होगा, जबकि 26 अक्टूबर को रिजर्व डे (आरक्षित दिन) के रूप में रखा गया है।

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