वाराणसी में काले बादल छाए, रुक-रुककर हो रही बारिश:23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही, गंगा का जलस्तर घटा
वाराणसी में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। बारिश और बादलों के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार 23 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जबकि वातावरण में नमी 97 प्रतिशत बनी रही। मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। बंगाल की खाड़ी के मौसम तंत्र का असर मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। इसके चलते वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर तक वाराणसी में बारिश के आसार बने हुए हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। गंगा का जलस्तर घटा, घाटों पर अभी कीचड़ लगातार बारिश के बावजूद वाराणसी में गंगा का जलस्तर पिछले दिनों की तुलना में घट रहा है। जलस्तर कम होने के साथ ही कई घाटों पर बाढ़ का पानी पीछे हटने लगा है। निचले हिस्सों में जमा सिल्ट हटाने का काम भी जारी है। हालांकि कई घाटों पर अभी भी कीचड़ और गाद जमा होने के कारण आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। धान और खरीफ की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद सितंबर के अंतिम सप्ताह में हो रही बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिन इलाकों में खेतों की नमी कम हो गई थी, वहां बारिश से फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर धान, अरहर, सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से लाभ हो सकता है। बारिश से किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
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