वाराणसी में महिला SI और एक पुलिसकर्मी पर केस:पीड़िता बोली- रात में घर में घुसकर बेटे को उठाया, अगले दिन गिरफ्तारी दिखाकर भेजा जेल
वाराणसी के चोलापुर थाने में महिला सब इंस्पेक्टर (SI) संध्या जायसवाल और एक अज्ञात पुलिसकर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर हुई है। महिला ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी 22 जुलाई की रात उसके घर में घुसे और उसके बेटे को बिना किसी अपराध के घर से उठाकर ले गए। इसके बाद अगले दिन उसकी गिरफ्तारी दिखाकर उसे एक मुकदमे में जेल भेज दिया गया। महिला ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी किए जाने का दावा किया है। अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने चोलापुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। जानिए क्या है पूरा मामला चोलापुर थाना क्षेत्र के दसनीपुर निवासी सुशीला देवी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में खुद को अनुसूचित जाति की महिला बताया है। उसका आरोप है कि 22 जुलाई 2026 की रात करीब 3 बजे परिवार के लोग घर में सो रहे थे। इसी दौरान तत्कालीन मुर्दहा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल दो सिपाहियों के साथ उसके घर पहुंचीं। आरोप है कि पुलिसकर्मी घर में घुसे और उसके बेटे का नाम लेकर गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे को नींद से जगाकर पकड़ लिया और अपने साथ थाने ले गए। महिला का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ भी अभद्रता की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अधिवक्ता से फोन पर बात कराई, कहा- थाने आकर बात करें सुशीला देवी के मुताबिक, उसने अपने अधिवक्ता को फोन किया और पुलिसकर्मियों से उनकी बात कराई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस की ओर से कहा गया कि उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है और थाने आकर बात की जाए। महिला का कहना है कि जब वह थाने पहुंची तो उसे अपने बेटे के बारे में तत्काल जानकारी नहीं दी गई। महिला ने कोर्ट को बताया कि उसके बेटे को रात में घर से ले जाने के बाद दोपहर करीब 1 बजे के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 23 जुलाई को उसे जेल भेज दिया गया। सुशीला देवी का आरोप है कि उसके बेटे ने कोई अपराध नहीं किया था और पुलिस ने पहले उसे घर से उठाया, फिर बाद में गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया। सोशल मीडिया पर फोटो एडिट करने के मामले से जोड़ा आरोप महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में एक अन्य मुकदमे का भी जिक्र किया है। उसके अनुसार, उसने 29 जनवरी को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। उसका आरोप था कि भेलूपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली अंजना कुमारी उसकी और उसके परिवार के सदस्यों की फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर डाल रही थी और उसे बदनाम किया जा रहा था। इस शिकायत के आधार पर कोर्ट के निर्देश से मुकदमा दर्ज हुआ था। सुशीला देवी ने आरोप लगाया कि इसी मामले में अंजना कुमारी को लाभ पहुंचाने और उस पर दबाव बनाने के लिए उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाया गया। सुशीला देवी ने पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें उसने पुलिस पर घर में घुसकर बेटे को ले जाने, बाद में गिरफ्तारी दिखाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत कई आरोप लगाए। कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चोलापुर पुलिस को संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया केस चोलापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक साधुबन राम गौतम ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल और अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, बीएनएस की धारा 127(2), 115(2), 333 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(घ) के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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