राजीव गांधी हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभाकरन को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की श्रद्धांजलि, देशभर में छिड़ा विवाद

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन की बरसी पर श्रद्धांजलि देते हुए तमिल समुदाय के अधिकारों की बात कही है। राजीव गांधी हत्या मामले से जुड़े प्रभाकरन को लेकर दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।

राजीव गांधी हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभाकरन को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की श्रद्धांजलि, देशभर में छिड़ा विवाद

दि राइजिंग न्यूज |  19 मई 2026

प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देकर विवादों में घिरे विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कषगम प्रमुख विजय एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। विजय ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के संस्थापक वी प्रभाकरन की बरसी पर श्रद्धांजलि देते हुए सामाजिक माध्यमों पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि मुल्लीवईक्कल की यादों को दिलों में हमेशा संजोकर रखा जाएगा और विदेशों में रहने वाले तमिल समुदाय के अधिकारों के लिए उनकी सरकार मजबूती से खड़ी रहेगी। विजय के इस संदेश के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

राजीव गांधी हत्या मामले से जुड़ा रहा प्रभाकरन का नाम

वी प्रभाकरन वही व्यक्ति था जिसे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी माना गया था। वर्ष 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम की साजिश बताई थी और प्रभाकरन को इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार माना गया था। इसी कारण भारत सरकार ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा रखा है और इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।

मुल्लीवईक्कल स्मृति दिवस पर साझा किया संदेश

विजय ने अठारह मई को मनाए जाने वाले मुल्लीवईक्कल स्मृति दिवस के अवसर पर यह संदेश जारी किया। दुनिया भर में रहने वाले श्रीलंकाई तमिल इस दिन को गृहयुद्ध में मारे गए तमिल नागरिकों की स्मृति में मनाते हैं। विजय ने अपने संदेश में कहा कि तमिल समुदाय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उनकी सरकार हमेशा आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने तमिल प्रवासी समुदाय के साथ एकजुटता भी जाहिर की और कहा कि उनकी पीड़ा को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

श्रीलंका गृहयुद्ध की यादों से जुड़ा है मुल्लीवईक्कल

श्रीलंका के मुल्लीथिवु जिले का छोटा सा तटीय गांव मुल्लीवईक्कल वर्ष 2009 में उस समय चर्चा में आया था जब श्रीलंका के लंबे गृहयुद्ध का अंत हुआ। इसी क्षेत्र में लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन की मौत हुई थी, जिसके बाद लगभग तीन दशक तक चला संघर्ष समाप्त माना गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार युद्ध के अंतिम चरणों में हजारों तमिल नागरिकों की जान गई थी। इसी कारण मुल्लीवईक्कल तमिल समुदाय के लिए पीड़ा, संघर्ष और स्मृति का प्रतीक बन चुका है।

विजय के बयान पर तेज हुई राजनीतिक बहस

तमिलनाडु की राजनीति में आमतौर पर प्रमुख दल लिट्टे और प्रभाकरन के समर्थन में खुलकर बयान देने से बचते रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री विजय के हालिया बयान ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि एक प्रतिबंधित संगठन के संस्थापक को श्रद्धांजलि देना राष्ट्रीय भावना के खिलाफ है। वहीं विजय समर्थकों का कहना है कि उनका संदेश तमिल नागरिकों की पीड़ा और मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ था, न कि किसी हिंसक गतिविधि के समर्थन में।

सामाजिक माध्यमों पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं

विजय की इस पोस्ट के बाद सामाजिक माध्यमों पर भी तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने इसे तमिल समुदाय के साथ संवेदनात्मक एकजुटता बताया, जबकि कई लोगों ने राजीव गांधी हत्या मामले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की आलोचना की। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल विजय का यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।