नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के बाद गरमाया माहौल, पत्रकार के सवाल पर विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब

नॉर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बाद पत्रकार के सवाल पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज के तीखे जवाब का वीडियो तेजी से चर्चा में है। मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता को लेकर हुई बहस ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के बाद गरमाया माहौल, पत्रकार के सवाल पर विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब

दि राइजिंग न्यूज |  19 मई 2026

विदेश यात्रा के दौरान सामने आया नया विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूरोप यात्रा के दौरान नॉर्वे में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद अचानक माहौल गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त बयान तो जारी किया, लेकिन इस दौरान मीडिया के सवाल नहीं लिए गए। इसी मुद्दे को लेकर बाद में आयोजित विदेश मंत्रालय की पत्रकार वार्ता में तीखी बहस देखने को मिली। इस घटनाक्रम का वीडियो अब सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा बढ़ गई है।

पत्रकार ने मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता पर उठाए सवाल

विदेश मंत्रालय की पत्रकार वार्ता के दौरान नॉर्वे की एक महिला पत्रकार ने भारत में मानवाधिकार, लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए। पत्रकार ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया के सवालों का सामना क्यों नहीं करते और संयुक्त कार्यक्रमों में सवाल-जवाब से दूरी क्यों बनाई जाती है। पत्रकार ने भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी टिप्पणी की, जिसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। वहां मौजूद अधिकारियों और पत्रकारों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस चलती रही।

विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने दिया तीखा जवाब

पत्रकार के सवालों पर विदेश मंत्रालय के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है और यहां सभी संवैधानिक संस्थाएं पूरी मजबूती से काम कर रही हैं। उन्होंने पत्रकार से कहा कि यदि किसी को किसी विषय पर आपत्ति है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। सिबी जॉर्ज का यह बयान सामने आते ही वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल बढ़ गई और कुछ ही देर में यह वीडियो सामाजिक माध्यमों पर वायरल हो गया।

सामाजिक माध्यमों पर छिड़ी तीखी बहस

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सामाजिक माध्यमों पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग विदेश मंत्रालय के अधिकारी के जवाब को भारत की मजबूत कूटनीतिक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता इसे पत्रकारों के सवालों से बचने की कोशिश करार दे रहे हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रेस से संवाद लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। वहीं समर्थकों का कहना है कि भारत की छवि खराब करने की कोशिशों का जवाब मजबूती से दिया जाना जरूरी था।

पांच देशों की यात्रा पर हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य विभिन्न देशों के साथ व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना बताया जा रहा है। अब तक प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। नॉर्वे उनकी इस यात्रा का चौथा पड़ाव है, जबकि इसके बाद वह इटली जाने वाले हैं।

विदेश नीति और लोकतंत्र पर फिर तेज हुई चर्चा

नॉर्वे में हुए इस घटनाक्रम के बाद भारत की विदेश नीति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूछे जाने वाले ऐसे सवाल आने वाले समय में भारत की कूटनीतिक रणनीति और संवाद शैली को लेकर नई बहस को जन्म दे सकते हैं। वहीं सरकार समर्थक इसे भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल बनाने की कोशिश बता रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं।