विजय दशमी पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की धूम:ढोल-नगाड़ों के साथ माता रानी को विदाई, घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आगरा में शारदीय नवरात्र के समापन के बाद आज विजय दशमी पर पूरे शहर में दुर्गा विसर्जन की धूम है। सुबह से ही ढोल-नगाड़ों के साथ माता रानी की विदाई हो रही है। यमुना किनारे हाथी घाट पर बने विशेष कुंडों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। लोग गुलाल उड़ाते, डांस करते हुए घाट तक पहुंच रहे हैं। शहर में विजय दशमी को लेकर सुबह से ही गहमागहमी है। नौ दिन तक पूजा-अर्चना के बाद आज मां को विदाई दी जा रही है। प्रशासन ने यमुना प्रदूषण को रोकने के लिए इस बार घाटों पर बड़े-बड़े कुंड तैयार किए हैं। हाथी घाट पर सबसे बड़ा कुंड बनाया गया है, जहां सबसे ज्यादा विसर्जन हो रहा है। इसके अलावा कैलाश घाट और बल्केश्वर घाट पर भी कुंड तैयार किए गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस बार शहर भर से दो हजार से ज्यादा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। सुबह 8 बजे से ही विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया जो देर शाम तक चलेगा। घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विसर्जन को देखते हुए घाटों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। हर कुंड के पास गोताखोरों की टीम लगाई गई है ताकि कोई हादसा न हो। नगर निगम की सफाई टीम लगातार कुंडों की सफाई कर रही है ताकि मूर्ति के अवशेष यमुना में न जाएं। हाथी घाट रोड पर विसर्जन के लिए आने वाली भीड़ के कारण जाम की स्थिति बन गई है। ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। साउंड सिस्टम पर भक्ति गीत बज रहे हैं और श्रद्धालु नाचते-गाते माता को विदा कर रहे हैं। गुलाल और आंसुओं के साथ विदाई
लोग माता रानी पर गुलाल उड़ाते हुए ला रहे हैं। कई जगह भावुक माहौल भी देखने को मिल रहा है। नौ दिन तक जिन माता की सेवा की, आज उन्हें विदा करते हुए कई लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने मां की आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित कुंडों में ही विसर्जन करें और यमुना में सीधे मूर्ति प्रवाहित न करें। देर शाम तक शहर के सभी बड़े पंडालों से मूर्तियां घाटों पर पहुंचती रहेंगी।
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