व्यापारियों ने UPI MDR शुल्क खत्म करने की मांग की:2,000 की सीमा की समीक्षा और जीरो MDR सीमा 1 लाख करने की मांग
सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने डिजिटल भुगतान और यूपीआई पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को खत्म करने या राहत देने की मांग की है। शनिवार 12 बजे जिलाध्यक्ष मनीष साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डीएम के जरिए ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा गया कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाकर करोड़ों व्यापारियों को फायदा पहुंचाया है। व्यापार मंडल सरकारी प्रयासों का स्वागत करता है, पर MDR शुल्क छोटे-मध्यम व्यापारियों के लिए आर्थिक बोझ बन सकता है। किराना, कपड़ा, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, खाद्यान्न, कृषि सामग्री, होटल-रेस्टोरेंट, दवा, फल-सब्जी जैसे कई व्यवसाय कम मुनाफे पर चलते हैं। हर डिजिटल लेन-देन पर शुल्क से लागत बढ़ेगी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर असर पड़ेगा। प्रमुख मांगें हैं: ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR खत्म हो; छोटे व्यापारियों के लिए MDR शून्य कर सीमा ₹1 लाख हो; कम मुनाफे वाले व्यवसायों को विशेष छूट/शून्य MDR मिले; ₹75,000 तक के लेन-देन पर ₹300 की अधिकतम MDR सीमा की समीक्षा हो; और व्यापारियों पर पूरा MDR भार न डाला जाए। ज्ञापन देने वालो में प्रमुख रूप से वरिष्ठ जिला महामंत्री नरेंद्र बरनवाल, जिला महामंत्री सतनाम सिंह बग्गा,संजय गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, आत्मजीत सिंह टीटू, सजनलाल कसौधन, जिला कोषाध्यक्ष बैजनाथ कसौधन (विपिन), जिला मंत्री शचींद्र शुक्ला, अजय सिंह फौजी, अजय वर्मा, पल्लव खेतान,फूलचंद्र अग्रहरि, कमलेश कसौधन, युवा जिलाध्यक्ष प्रांशु जायसवाल, युवा जिला महामंत्री सूरज अग्रहरि, युवा जिला कोषाध्यक्ष दीपक कसौधन एवं युवा नगर अध्यक्ष मोहित साहू सहित व्यापारीगण उपस्थित रहे।
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