यूपी की 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सर्वजन सनातन पार्टी:लखनऊ में पूर्व CBI निदेशक बोले- हिंदू बंधक वोट बैंक नहीं, भाजपा का एकाधिकार नहीं
लखनऊ में सर्वजन सनातन पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उनका दावा है कि पार्टी मतदाताओं को स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प देगी। सोमवार को टेढ़ी पुलिया स्थित दिव्यांश लॉन में राव ने भाजपा और आरएसएस की राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “हिंदू कोई बंधक वोट बैंक नहीं हैं। किसी भी राजनीतिक दल का हिंदू मतों पर एकाधिकार नहीं है।” बोले- समस्या ज्ञानेश कुमार नहीं, मोदी और आरएसएस की राजनीति दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे प्रदर्शन के संदर्भ में राव ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की समस्या ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी और आरएसएस की राजनीति है। उनके मुताबिक, यह राजनीति महत्वपूर्ण मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाती है। राव ने कहा कि आज ज्ञानेश कुमार हैं, कल कोई और होगा, लेकिन उनके अनुसार व्यवस्था पर भाजपा और आरएसएस का नियंत्रण बना रहेगा। 'सनातन के नाम पर चुनावी दासता स्वीकार नहीं' राव ने कहा कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े सनातन व सभ्यतागत मुद्दों पर सवाल उठाने वाले हिंदुओं से अक्सर पूछा जाता है कि भाजपा को वोट नहीं देंगे तो किसे देंगे। उनके मुताबिक, इस तर्क से मतदाताओं को वास्तविक राजनीतिक विकल्प से वंचित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सभ्यतागत निष्ठा का मतलब चुनावी दासता नहीं है। सनातन की आकांक्षाओं को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिलनी चाहिए। पार्टी सनातन धर्म, संवैधानिक लोकतंत्र और नागरिकों की गरिमा के आधार पर देश के पुनर्निर्माण की बात करती है। इसमें सामाजिक समरसता, जनकल्याण और जवाबदेह शासन को प्राथमिकता देने का दावा किया गया है। 'बुलडोजर नहीं, कानून से चले व्यवस्था' कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी राव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का मतलब कानून के जरिए व्यवस्था कायम करना है, न कि बुलडोजर या राज्य की दमनकारी ताकत का इस्तेमाल करना। राज्य को पहले खुद कानून का पालन करना चाहिए और नागरिकों के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य अपराधियों से बड़ा गुंडा नहीं बन सकता। ऐसा करना कानून का शासन नहीं, बल्कि ताकत का शासन होगा। राव ने सवाल उठाया कि अगर सरकार का दावा है कि कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और लोग सुरक्षित हैं, तो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को व्यापक निजी सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ती है? उन्होंने विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों को मिलने वाली पुलिस सुरक्षा का हवाला देकर सरकार के दावों पर सवाल उठाए। 1986 बैच के IPS अधिकारी रहे हैं राव एम. नागेश्वर राव तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के निवासी हैं। उन्होंने 1981 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में परास्नातक किया। 1986 में आईपीएस बनने के बाद ओडिशा कैडर में सेवाएं दीं। वह ओडिशा पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और सीबीआई में संयुक्त निदेशक भी रहे। 2018 में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच विवाद के दौरान उन्हें अंतरिम निदेशक बनाया गया था। वह पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चिटफंड घोटालों की जांच से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा में रहे। अब उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी के जरिए राजनीति में कदम रखा है। पार्टी ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है।
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