यूट्यूबर अश्वी यादव का पलटवार, पुलिस पर उठाए सवाल:पैसे लेकर FIR दर्ज करने का लगाया आरोप, साझा की कॉल रिकॉर्डिंग
इटावा में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यूट्यूबर अश्वी यादव समेत पांच नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ 1.75 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद अश्वी यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई दी और पुलिस पर पैसे लेकर मुकदमा दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके बयान लिए बिना उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, आशुतोष यादव और अश्वी यादव के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों की ओर से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे। करीब एक माह पहले आशुतोष यादव ने अश्वी यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस ने उस समय मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद आशुतोष यादव ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर भरथना थाना पुलिस ने सोमवार शाम करीब 5:30 बजे मुकदमा दर्ज किया था। सोशल मीडिया पर पुलिस पर लगाए आरोप मुकदमा दर्ज होने के बाद अश्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में नोटिस तामील कराने वाले सिपाही की कॉल रिकॉर्डिंग और फोटो साझा की। इसके साथ ही उन्होंने भरथना पुलिस पर पैसे लेकर मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। अश्वी यादव ने कहा, ‘बिना जांच किए, बिना सबूतों के मेरे ऊपर झूठा केस लगाया। जितने भी लोग इस मामले में इन्वॉल्व हो रहे हैं, जितने भी लोग घूस खाकर मैटर बढ़ा रहे हैं, ये मनगढ़ंत कहानी बनाकर पेश कर रहे हैं। एक तरफ से सबको घसीटूंगी। सबको, बस ये याद रखना। उन्होंने आगे कहा कि, ’मैं किसी पार्टी को टारगेट नहीं कर रही और न मैं किसी पार्टी की बात कर रही हूं। मैं बस इतना बोल रही हूं कि जो सच है, उसको आगे रखो। झूठा एलीगेशन मत लगाओ किसी के ऊपर।' सोशल मीडिया पर की निष्पक्ष जांच की मांग अश्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि, 'आज मैं बहुत परेशान होकर ये बात लिख रही हूं। मेरा बयान लिए बिना मेरे खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराए जाने का मेरा आरोप है। मेरी शिकायत पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मेरी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मुझे इस पूरी घटना में निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए। मैं आखिर कब तक यह सब सहूं, मेरी भी जिंदगी है, मेरा भी सम्मान है। अगर मेरे साथ कुछ भी गलत होता है, तो मेरी शिकायतों और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।' इसके आगे उन्होंने एक कॉल रिकार्डिंग भी शेयर की। इसमें भी उन्होंने लिखा कि, 'ये चंद्र प्रकाश थाना फ्रेंड्स कॉलोनी से। इसने मुझे नोटिस लेट दिया। इसलिए मैं बयान के लिए टाइम पर न जा पाऊं। और कोर्ट में भरथना की घटना दिखा कर जिसकी जांच किए बिना थाना प्रभारी को पैसे देकर FIR करा दी गई। सिपाही से बहस की कॉल रिकॉर्डिंग भी की साझा अश्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक कॉल रिकार्डिंग भी साझा की है। दावा किया जा रहा है इसमें वह उसी सिपाही से बात कर रही हैं जिस सिपाही ने उन्हें नोटिस तामील कराई थी। कॉल रिकॉर्डिंग में अश्वी यादव नोटिस मिलने के समय को लेकर पूछताछ कर रही हैं। बातचीत के दौरान अश्वी यादव कह रही हैं कि वह भरथना तहसील और सीओ समेत अन्य अधिकारियों के पास गई थीं। इस पर सामने वाले ने जवाब दिया कि नोटिस कब मिला या कहां से आया, इससे मतलब नहीं है। अश्वी इस पर आपत्ति जताते हुए पूछती हैं कि नोटिस मिलने के समय का महत्व क्यों नहीं है। इस पर सामने वाला कानून का हवाला देता है। अश्वी जवाब में कहती हैं कि उन्हें नोटिस दो दिन पहले पहुंचाया जाएगा, तो वह अगले दिन दिल्ली से भागकर वहां पहुंच रही हैं। इसके बावजूद नोटिस मिलने के समय को महत्व नहीं दिए जाने पर वह सवाल उठाती हैं।
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