13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के गर्भ समापन फैसला लें:हाईकोर्ट बोला- 24 घंटे में सीजेएम के सामने पेश कर उसी दिन मेडिकल बोर्ड भेजें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के गर्भ की चिकित्सकीय समाप्ति पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने पिता की तरफ से दाखिल याचिका की सुनवाई करते हुए कहा नाबालिग को हापुड़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाय। जानिये क्या है मामला हापुड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता चिकित्सीय गर्भपात कराना चाहती है, लेकिन प्रक्रिया में जोखिम होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। याची अधिवक्ता ने कहा कि 24 सप्ताह की अवधि बीत चुकी है, इसलिए कोर्ट सक्षम मेडिकल बोर्ड गठित कर जल्द से जल्द गर्भ समापन का निर्देश दे। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खुद बयान दिया था कि वह 13 वर्ष की नाबालिग है और बदनामी के डर से गर्भ समाप्त कराना चाहती है। राज्य ने कहा दस्तावेजी सबूत दें राज्य की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पी.के. शाही ने आपत्ति की कि याचिका में ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिस पर पीड़िता के हस्ताक्षर हों और जिससे पता चले कि वह स्वयं गर्भ समापन चाहती है। उन्होंने यह भी कहा याचिका में घटना की तारीख केवल तीन माह पूर्व दर्ज है और पिता ने पीड़िता की आंतरिक चिकित्सा जांच से इन्कार किया था।एफआईआर के अनुसार आरोपी याचिकाकर्ता का पड़ोसी है, इसलिए यह सहमति से बने संबंध का मामला भी हो सकता है। हाईकोर्ट ने कहा 24 घंटे में बयान दर्ज करें हाईकोर्ट ने कहा पीड़िता को 24 घंटे के भीतर सी जे एम के सामने पेश किया जाए। वह उसका बयान दर्ज करेंगे कि वह अपनी इच्छा से गर्भ समापन चाहती है। बयान के बाद मजिस्ट्रेट उसी दिन मेडिकल कॉलेज को भेजेंगे और पीड़िता को उसी दिन मेडिकल बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। यह बोर्ड एम टी पी अधिनियम, 1971 की धारा 3(2B) के तहत गठित होगा। सक्षम डॉक्टरों की टीम लगाएं जांच और पीड़िता का लिखित बयान दर्ज करने के बाद बोर्ड एम टी पी कराने का निर्देश देगा। अस्पताल की सक्षम डॉक्टरों की टीम ऐसी उपयुक्त पद्धति अपनाएगी जिससे पीड़िता की जान जोखिम में न पड़े। कोर्ट ने खास तौर पर कहा कि अब गर्भावस्था 27 सप्ताह से अधिक हो चुकी है।गर्भ समापन के बाद मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट हापुड़ के सी जे एम को देगा, जो उसे अपनी रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करेंगे। अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026को होगी।
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