'18 साल से शिक्षकों की समस्याएं जस की तस':भाजपा पर बरसे सपा नेता; MLC चुनाव को बताया सेमाइफाइनल की लड़ाई

Oct 19, 2026 - 17:44
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'18 साल से शिक्षकों की समस्याएं जस की तस':भाजपा पर बरसे सपा नेता; MLC चुनाव को बताया सेमाइफाइनल की लड़ाई
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रचार तेज कर दिया है। सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम और राष्ट्रीय सचिव कमलेश यादव ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षकों और बुद्धिजीवियों से प्रथम वरीयता का वोट देने की अपील की। दोनों नेताओं ने दावा किया कि शिक्षकों का रुझान सपा प्रत्याशी के पक्ष में है और डॉ. संजयन त्रिपाठी भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। ब्रजेश कुमार गौतम ने कहा कि पार्टी लगातार विभिन्न विद्यालयों में जाकर शिक्षकों से संपर्क कर रही है। शिक्षकों से मिल रहे समर्थन से सपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की घोषणा की है। इसके साथ ही वित्तविहीन शिक्षकों और मानदेय कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। 18 साल में भी शिक्षकों की समस्याएं हल नहीं हुईं भाजपा पर निशाना साधते हुए गौतम ने कहा कि पिछले 18 वर्षों से भाजपा के एमएलसी रहने के बावजूद शिक्षकों, खासकर वित्तविहीन शिक्षकों की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने भाजपा के वादों को चुनावी जुमला बताते हुए कहा कि शिक्षक अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर बदलाव चाहते हैं। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताते हुए कहा कि इस बार पढ़े-लिखे और जागरूक शिक्षक अपने मताधिकार से प्रदेश की राजनीति को दिशा देंगे। सपा इस चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। कमलेश यादव बोले- प्रत्याशी बदलने का मलाल नहीं सपा के राष्ट्रीय सचिव कमलेश यादव ने कहा कि वह स्वयं शिक्षक हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें शिक्षकों का प्यार और स्नेह मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के शिक्षक सपा प्रत्याशी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के कार्यकाल में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतनमान और पेंशन से जुड़ी कई नीतियां लागू की गईं। वर्तमान सरकार में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और अधिकारों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कमलेश यादव ने कहा कि उन्हें पहले शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया था, लेकिन बाद में चुनाव से हटने के लिए कहा गया। इसका उन्हें कोई मलाल नहीं है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय अध्यक्ष जो भी आदेश देंगे, समाजवादी पार्टी का सेवक होने के नाते उसका पालन करूंगा। यह तो बहुत छोटा पद है, पार्टी के लिए इससे बड़ी-बड़ी कुर्बानियां देने को भी तैयार हूं।" दोनों नेताओं ने शिक्षकों और बुद्धिजीवियों से एकजुट होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन शिक्षक प्रथम वरीयता का मत डॉ. संजयन त्रिपाठी को देकर उन्हें विधान परिषद पहुंचाने में सहयोग करें।

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