20 साल से बंद लाइब्रेरी फिर शुरू होने की उम्मीद:KBC में अमिताभ ने मांगी थी माफी, बोला था- लाइब्रेरी खोलेंगे; जन्मदिन पर विरासत संवारने की कोशिश शुरू
'बाबूपट्टी हमारे पूर्वजों का जन्मस्थान है। बाबूजी वहीं से आए थे। हम वहां कुछ करना चाह रहे थे, लेकिन इसमें रुकावट हो गई। वहां के लोग बहुत नाराज हैं। प्रतापगढ़... बाबूपट्टी के लोगों से हम माफी चाहते हैं। हम लाइब्रेरी खोल देंगे, आप घबराइए मत। बिल्डिंग-विल्डिंग बन गई, लेकिन खाली पड़ी हुई है। अब हम उसके अंदर कुछ भरेंगे।' ये बातें 2 अक्टूबर को महानायक अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) शो में हॉट सीट पर बैठे खिलाड़ी चंद्र प्रकाश तिवारी से कहीं थी। चंद्र प्रकाश बाबूपट्टी के बगल के डड़वा-महोखरी गांव के रहने वाले हैं। अपने पैतृक गांव का नाम सुनकर अमिताभ बच्चन भावुक हो गए थे। बाबूपट्टी में अपने पिता कवि हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनी लाइब्रेरी का जिक्र किया। अमिताभ के जिक्र के बाद बाबूपट्टी में 11 अक्टूबर को उनके 84वें जन्मदिन पर बच्चों को साइकिलें-बैग बांटे गए। वहीं, परिवार के पूर्वजों की याद में पौधे भी लगाए गए। साथ ही हरिवंश राय बच्चन स्मारक लाइब्रेरी को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। 35 छात्राओं को साइकिल, 50 बच्चों को मिले बैग डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान ट्रस्ट, महाराष्ट्र की ओर से बाबूपट्टी गांव में बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष निवृत्ति यादव ने जरूरतमंद छात्राओं को 35 साइकिलें और 50 स्कूली बच्चों को बैग बांटें। गांव के प्रधान विकास यादव ने बताया कि गांव में प्राथमिक विद्यालय होने के कारण आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को आगे पढ़ने के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। स्कूल दूर होने पर आने-जाने में समय और मेहनत दोनों लगती है। कई बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी साधन उपलब्ध कराना भी आसान नहीं होता। ऐसे में साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल आने-जाने में मदद मिलेगी। बैग मिलने से बच्चों को अपनी किताबें और पढ़ाई का सामान रखने में सुविधा होगी। लाइब्रेरी बना, लेकिन पढ़ाई का केंद्र नहीं बन सका बाबूपट्टी में बच्चन परिवार की विरासत से जुड़ी सबसे अहम धरोहरों में कवि हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनी लाइब्रेरी शामिल है। जिसका उद्देश्य गांव के बच्चों-युवाओं को पढ़ने के लिए एक जगह उपलब्ध कराना था। साल 2006 में अभिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन गांव आई थीं। जया ने लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया था। उस समय गांव के लोगों को उम्मीद थी कि यह जगह बच्चों की पढ़ाई और साहित्यिक के लिए एक केंद्र बनेगा। लेकिन लाइब्रेरी की देखभाल नहीं हो सकी। भवन की खिड़कियां और दरवाजे टूट गए, फर्श भी खराब हो गई और लाइब्रेरी बंद हो गई। डीएम ने किया निरीक्षण, दीपावली तक संवारने के निर्देश लाइब्रेरी को लेकर चर्चा बढ़ने के बाद जिला प्रशासन भी गांव पहुंचा। डीएम अभिषेक पांडेय ने 7 अक्टूबर को बाबूपट्टी पहुंचकर डॉ. हरिवंश राय बच्चन स्मारक लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। उन्होंने लाइब्रेरी को दीपावली तक संवारने के निर्देश दिया। पूर्वजों की याद में लगाए तुलसी, आंवला, पीपल और बरगद बच्चन परिवार की विरासत को सहेजने के लिए पितृ पक्ष के अंतिम दिन यानी 10 अक्टूबर को लाइब्रेरी परिसर में परिवार के पूर्वजों की याद में पौधरोपण किया गया। इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष निवृत्ति यादव, ग्राम प्रधान विकास यादव और गांव के अन्य लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, हरिवंश राय बच्चन, तेजी बच्चन, प्रताप नारायण श्रीवास्तव, सरस्वती देवी, शालिकराम और मनसा की स्मृति में पौधे लगाए गए। इस पहल के जरिए पूर्वजों को याद करने के साथ प्रकृति को बचाने का संदेश भी दिया गया। बच्चन परिवार से जुड़ाव गांव के लिए गर्व की बात बाबूपट्टी के लोगों का कहना है कि यह बात खास मायने रखती है कि देश के बड़े साहित्यकार और अभिनेता का पारिवारिक रिश्ता उनके गांव से जुड़ा है। हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण पहचान हैं। वहीं, अमिताभ बच्चन सदी के महानायक हैं। ऐसे में लोगों के लिए इस विरासत को संजोना केवल पुरानी यादों को बचाना नहीं, बल्कि अपनी पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। मॉडल ग्राम बनाने की योजना, अब अमल की जरूरत डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान ट्रस्ट ने बाबूपट्टी को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। गांव के प्रवेश द्वार का निर्माण, सीसी रोड, वाटर एटीएम, सोलर स्ट्रीट लाइट्स, सार्वजनिक शौचालय और बैंक ग्राहक सेवा केंद्र व एटीएम जैसी सुविधाएं भी गांव में होंगी। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को साइकिल, कपड़े, जूते, किताबों के साथ-साथ लाइब्रेरी की मरम्मत कराने, नई किताबें खरीदने, रीडिंग रूम बनाने और कम्प्यूटर सिस्टम लगवाने की भी योजना है। इन कामों को पूरा करने से गांव के लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में सुविधा मिल सकती है। बच्चों को पढ़ाई के साधन मिलेंगे, सार्वजनिक जगहों का बेहतर इस्तेमाल होगा और गांव की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल सकती है। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- अमिताभ ने प्रतापगढ़ के लोगों से माफी मांगी:लाइब्रेरी का 2006 में उद्घाटन, किताबें अब तक नहीं; लोग बोले- उन्हें KBC में ही गांव याद आता है यूपी के प्रतापगढ़ में हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनी लाइब्रेरी में उद्घाटन के 20 साल बाद भी किताबें नहीं हैं। जया बच्चन ने 2006 में इस लाइब्रेरी बिल्डिंग का लोकार्पण किया था। उन्होंने बेटे-बहू और पति अमिताभ बच्चन के साथ गांव आने का वादा भी किया था, लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर अमिताभ बच्चन ने इस बात को लेकर माफी मांगी। कहा- आप लोग घबराइए नहीं, जल्द ही लाइब्रेरी शुरू होगी। पूरी खबर पढ़ें…
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