3 पीढ़ियों से रावण का पुतला बना रहा मुस्लिम परिवार:अमेठी में रामलीला का मंच तैयार करता है, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
अमेठी में विजयादशमी की तैयारियों के बीच गौरीगंज की रामलीला कमेटी आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रही है। यहां एक मुस्लिम परिवार की तीन पीढ़ियां दशहरे के लिए रावण का पुतला बनाने और रामलीला का मंच तैयार करने का काम करती आ रही हैं। परिवार की यह परंपरा सांप्रदायिक सौहार्द और साझा संस्कृति की झलक दिखाती है। तीन पीढ़ियों से निभा रहे परंपरा गौरीगंज के कारीगर निसार अहमद के लिए रावण का पुतला बनाना सिर्फ रोजी-रोटी का जरिया नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही खास कारीगरी है। उनका परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से दशहरे के लिए रावण का पुतला और रामलीला के लिए मंच तैयार करता आ रहा है। 10 से 15 दिन की मेहनत से चलता है परिवार निसार अहमद बताते हैं कि रावण का पुतला बनाने में 10 से 15 दिन लगते हैं। यही काम उनके पूरे परिवार के लिए सालभर की कमाई का जरिया है। उनके हाथों से तैयार रावण का पुतला दशहरे पर दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। बिना भेदभाव रामलीला आयोजन में सहयोग निसार अहमद का परिवार बिना किसी भेदभाव के रामलीला आयोजनों को सफल बनाने में जुटा रहता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह कारीगरी गौरीगंज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मेलजोल की परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
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