30 एकड़ में बन रहा नोएडा का डियर पार्क:12 बाड़ों में चहलकदमी करेंगे 99 वन्यजीव,अफ्रीका से आएंगी एंटीलोप की प्रजातियां
सेक्टर-91 के बायोडायवर्सिटी पार्क में करीब 30 एकड़ जमीन पर डियर पार्क तैयार किया जा रहा है। मिनी जू की तर्ज पर विकसित हो रहे इस पार्क में हिरणों और अन्य वन्यजीवों के लिए करीब 12 छोटे-बड़े बाड़े बनाए जा रहे हैं। इनमें से 9 बाड़े तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी बाड़ों का काम चल रहा है। पूरे प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्राधिकरण के मुताबिक डियर पार्क को तैयार करने में करीब 40 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पार्क में कुल 99 वन्यजीव लाने की योजना है। इनमें 33 नर और 66 मादा शामिल होंगी। इनके लिए तैयार किए गए एनिमल कलेक्शन प्लान में 10 प्रजातियों को शामिल किया गया है। लखनऊ, कानपुर और हैदराबाद से आएंगे वन्यजीव
पार्क में माउस डियर, ब्रॉउ एंटलर्ड डियर, हॉग डियर, स्वैम्प डियर, स्पॉटेड डियर, सांभर डियर और बार्किंग डियर समेत कई प्रजातियां रखी जाएंगी। इनमें से अधिकांश वन्यजीव लखनऊ, कानपुर और हैदराबाद के चिड़ियाघरों से लाए जाने हैं। कलेक्शन प्लान के अनुसार ब्लैकबक, चिंकारा और चौसिंघा भी पार्क का हिस्सा होंगे। इनकी कुल संख्या 15 प्रस्तावित है। इनके अलावा पेंटेड स्टॉर्क, ओपन-बिल्ड स्टॉर्क, कॉर्मोरेंट और पेलिकन के लिए एवियरी भी बनाई जाएगी। अफ्रीका से आएंगे एंटीलोप
पार्क में विदेशी वन्यजीव भी देखने को मिलेंगे। स्प्रिंगबॉक, इम्पाला, वाइल्डबीस्ट और लेसर कुडू जैसी अफ्रीकी एंटीलोप प्रजातियों को विदेश से लाने की योजना है। दस्तावेज में इनके स्रोत के तौर पर 'टू बी इंपोर्टेड' दर्ज है।
जानवरों को लाने की प्रक्रिया सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) की गाइडलाइन के अनुसार होगी। प्रजातियों और उनकी संख्या का चयन उपलब्ध जगह, स्वास्थ्य और पार्क की थीम को ध्यान में रखकर किया गया है। रात 10 बजे तक दिखेंगे हिरण
डियर पार्क को सनसेट सफारी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। यहां लोग सूर्यास्त के बाद भी रात करीब 10 बजे तक हिरण और जलीय पक्षियों को देख सकेंगे। इसके लिए स्पेक्ट्रम लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार लाइटिंग इस तरह रखी जाएगी कि जानवरों को अंधेरे का ही एहसास हो, जबकि सफारी में आने वाले लोगों को वन्यजीव साफ दिखाई दें। बाड़ों के बाद शुरू होगा अगला चरण
अभी पार्क में सिविल निर्माण और बाड़ों का काम चल रहा है। 9 बाड़े तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पूरा काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से वन्यजीवों को यहां लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्र में इस तरह का डियर पार्क नहीं है।
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