34 दिन डिजिटल अरेस्ट रख बुजुर्ग से ठगे 72 लाख:आधार पर आतंकी खाते का डर दिखाकर एफडी तुड़वाई, पुलिस ने जांच शुरू की
आगरा में साइबर ठगों ने खुद को पुलिस और एटीएस अफसर बताकर रिटायर्ड लेखाकार को ऐसा डराया कि 34 दिन तक वह डिजिटल अरेस्ट में रहा। इस दौरान ठगों ने उसकी पूरी जीवन भर की कमाई 72.74 लाख रुपए ठग ली। होश आने पर पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिकंदरा निवासी विनोद कुमार श्रीवास्तव नगर निगम से लेखाकार के पद से रिटायर हुए हैं। उनके मुताबिक 21 अगस्त को उनके पास एक कॉल आई। कॉलर ने कहा - हेलो, पुलिस लाइन से बोल रहा हूं, एटीएस वाले आपसे बात करेंगे। इसके बाद एटीएस अफसर बनकर दूसरे ठग ने बात की और कहा कि तुम्हारी ID से कर्नाटक में आतंकवादियों का बैंक खाता खुला है। आतंकी फंडिंग का डर दिखाया
आरोपियों ने बताया कि कर्नाटक के ICICI बैंक में तुम्हारे आधार कार्ड से खाता खुला है, जिसमें 3.50 करोड़ रुपए आए हैं और तुम्हें 35 लाख कमीशन मिला है। जब बुजुर्ग ने मना किया तो उन्हें जेल भेजने, एनकाउंटर और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी गई। बुजुर्ग घबरा गए। एफडी तुड़वाकर खाते में डलवाए पैसे
इसी डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनकी सारी FD तुड़वाकर बचत खाते में ट्रांसफर करा दी। फिर 27 अगस्त से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग फर्जी फर्मों के खातों में पैसे डलवाए। मित्तल ट्रेडिंग में 22.80 लाख, ऑटोटेक में 3.51 लाख, अर्बन कबाड़ सॉल्यूशंस में 30.40 लाख और कैफे बक्स में 16.03 लाख रुपए भेजे गए। कुल 72 लाख 74 हजार 900 रुपए ठग लिए। परिवार से भी कटवाया संपर्क
21 अगस्त से 23 सितंबर तक व्हाट्सएप कॉल पर उन्हें नजरबंद रखा। कहा गया पत्नी-बेटे को बताया तो पूरे परिवार को जेल होगी। बुजुर्ग बैंक जाते तो भी दहशत में रहते। आखिर हिम्मत जुटाकर बेटे को बताया तब साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत हुई। डीसीपी साइबर आदित्य सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने कहा-मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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