48 घंटे में तेंदुए ने दो मासूमों को मार डाला:लखीमपुर-खीरी में 500 मीटर दूर मिला था क्षत-विक्षत शव, 4 घंटे ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

Oct 15, 2026 - 11:45
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48 घंटे में तेंदुए ने दो मासूमों को मार डाला:लखीमपुर-खीरी में 500 मीटर दूर मिला था क्षत-विक्षत शव, 4 घंटे ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी में 48 घंटे के भीतर तेंदुए के दो अलग-अलग जानलेवा हमलों में दो बच्चों की मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत है। निघासन रेंज के एक खेत में शाम को खेल रहे बच्चे को तेंदुआ खींचकर ले गया, जिसका क्षत-विक्षत शव बाद में बरामद हुआ। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा, नौकरी, पिंजरा लगाने और सुरक्षा इंतज़ामों जैसी मांगों को लेकर पुलिस-प्रशासन का विरोध किया। वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन और रात में पिंजरा लगाए जाने के बाद ही मामला शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, धौरहरा क्षेत्र में भी सात साल की बच्ची को शिकार बनाने वाला तेंदुआ अभी तक पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल की टूटी वायर फेंसिंग के कारण वन्यजीव आबादी वाले इलाकों में आ रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। तस्वीरें देखिए - अब पूरा मामला पढ़िए - उत्तर निघासन वन रेंज के टॉपर फार्म में बुधवार शाम घर के बाहर खेल रहे बच्चे को तेंदुआ उसके पिता के सामने झपट्टा मारकर उठा ले गया। करीब ढाई घंटे की तलाश के बाद बच्चे का क्षत-विक्षत शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में मिला। तेंदुए ने बच्चे का सिर और एक हाथ खा लिया था। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक शव नहीं उठने दिया। हालात को देखते हुए सिंगाही और तिकुनिया थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, दो रेंजर और वन विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे। पांच मांगें रखीं, रात 11 बजे लगाया गया पिंजरा ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के सामने पांच मांगें रखीं। इनमें तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने, पीड़ित परिवार को 48 घंटे के भीतर 5 लाख रुपए का मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, घर की बाउंड्रीवॉल बनवाने और रोशनी के लिए सोलर लाइट लगाने की मांग शामिल थी। अधिकारियों ने मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर पिंजरा लगवाया गया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। रात करीब 12 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वायर फेंसिंग टूटने से गांवों तक पहुंच रहे तेंदुए ग्रामीणों का आरोप है कि वन्यजीवों को जंगल से बाहर आने से रोकने के लिए लगाई गई वायर फेंसिंग कई जगह टूट चुकी है। इसी वजह से तेंदुए जंगल से बाहर निकलकर गांवों के आसपास घूम रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हमलों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। हालांकि, वन विभाग ने पिछले 10 महीनों में अलग-अलग गांवों से करीब 17 तेंदुओं को पकड़ने का दावा किया है। इसके बावजूद हमलों की घटनाएं थम नहीं रही हैं। उत्तर निघासन रेंज के रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर रात में ही एक पिंजरा लगा दिया गया है। गुरुवार को एक और पिंजरा लगाया जाएगा। क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर पहले से ही आठ पिंजरे लगाए गए हैं। धौरहरा में बच्ची को मारने वाला तेंदुआ अब तक पकड़ से दूर उधर, धौरहरा वन रेंज के बोझिया गांव में 12 अक्टूबर की शाम घर के आंगन में खेल रही सात साल की बच्ची को तेंदुए ने हमला कर मार डाला था। घटना के 48 घंटे बाद भी तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से बाहर है। इससे इलाके के लोगों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर अपने बच्चों की निगरानी कर रहे हैं। दो अलग-अलग वन क्षेत्रों में मासूमों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। लोग तेंदुओं को पकड़ने के साथ ही जंगल से गांवों की ओर वन्यजीवों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। जनवरी से अब तक 07 लोगों की मौत, ये हैं प्रमुख मामले 1. 1 जनवरी: भिड़ौरी ग्राम पंचायत के महाराज नगर गांव के पास गन्ने के खेत में चारा लेने गईं ऊषा देवी (35), पत्नी पवन कुमार, पर बाघ ने हमला कर दिया था। रात में उनका अधखाया शव मिला था। 2. 25 मार्च: फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की 7 वर्षीय बेटी सिमरन घर में रोटी खा रही थी। इसी दौरान तेंदुआ घर में घुसा और बच्ची को गर्दन से दबोचकर करीब 200 मीटर दूर खेत में ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया, लेकिन हमले में उसकी मौत हो गई। 3. 18 अप्रैल: निबौरिया गांव के पास गेहूं की कटाई के दौरान उम्मेद अली के 4 वर्षीय बेटे दिलशाद पर तेंदुए ने हमला कर दिया। वह बच्चे को करीब एक किलोमीटर दूर घसीट ले गया। ग्रामीणों और पुलिस ने तलाश की। करीब साढ़े पांच घंटे बाद बच्चे का अधखाया शव झाड़ियों में मिला। 4. 25 अप्रैल: उत्तर निघासन वन रेंज के सहिंजना गांव में संध्यावती (32), पत्नी माताप्रसाद, घर के बाहर मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं। इसी दौरान तेंदुआ उन्हें करीब 50 मीटर दूर खेत में खींच ले गया। परिजनों के पहुंचने पर तेंदुआ भाग गया, लेकिन महिला की जान नहीं बच सकी। 5. 23 जुलाई: बाबागंज निवासी बुद्धा के 10 वर्षीय बेटे गोलू पर खेत की तरफ बकरियां चराने जाते समय तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ उसे झाड़ियों में घसीट ले गया। बाद में उसका शव गन्ने के खेत में मिला। 6. 12 अक्टूबर: बोझिया गांव में संपत गिरी की 7 वर्षीय बेटी सान्या को तेंदुआ घर से उठा ले गया। मंगलवार सुबह उसका शव घर से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला। 6. 14 अक्टूबर की शाम उत्तर निघासन वन रेंज के टॉपर फार्म में घर के बाहर खेल रहे जोगा सिंह के 06 साल के बेटे मनजोत सिंह को तेंदुआ उठा ले गया।करीब 500 मीटर दूर जंगल में अधखाया शव मिला। ……….. ये खबर भी पढ़ें… कारोबारी की हत्यारोपी मॉडल श्रद्धा दुबे सामने आई:VIDEO जारी कर कहा- मैं भागी नहीं; लखनऊ पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा था लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की हत्यारोपी मॉडल श्रद्धा दुबे का एक वीडियो सामने आया है। बुधवार रात जारी इस वीडियो में वह कह रही है- मैं कहीं भागी नहीं हूं। शिवा शर्मा की हत्या नहीं हुई, वह फ्लैट से कूदा था। वह एक सुसाइड था। मेरी आप सभी से रिक्वेस्ट है, प्लीज मेरे नाम को ऐसे नहीं उछालिए। आप लोगों ने मेरा नाम कई नेताओं और अफसरों से जोड़ा है। मेरा नाम हर किसी के साथ मत जोड़िए। अगर वो मेरे इंस्टाग्राम से जुड़ा है, तो आप मेरे बारे में ऐसी अफवाह न फैलाइए। पढ़िए पूरी खबर…

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