5,127 पैक्स कर्मचारियों के वेतन को लेकर तंज:आप सांसद संजय सिंह बोले- 8 साल से यूपी सरकार सैलरी नहीं दे पा रही
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (PACS) के कर्मचारियों के लंबित वेतन को लेकर यूपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 7,266 पैक्स समितियों में से 5,127 समितियों के कर्मचारियों को पिछले 8 साल से वेतन नहीं मिला है। संजय सिंह ने सरकार से कर्मचारियों के बकाया वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की। लखनऊ स्थित आप के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि इन समितियों में सचिव, अकाउंटेंट और चौकीदार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित वेतन नहीं मिल रहा। उनके मुताबिक, कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए करीब 313 करोड़ रुपए के बजट की जरूरत है। ‘9 लाख करोड़ के बजट में 313 करोड़ नहीं दे पा रही सरकार’ संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट करीब 9 लाख करोड़ रुपए का है, लेकिन सरकार पैक्स कर्मचारियों के वेतन के लिए 313 करोड़ रुपए उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उन्होंने दावा किया कि 2018-19 से अधिकारी लगातार शासन को बजट जारी करने के लिए पत्र लिख रहे हैं, लेकिन अब तक कर्मचारियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत किए बिना किसानों की आय दोगुनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात अधूरी है। संजय सिंह ने केंद्र सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ के नारे पर भी सवाल उठाया। 1,223 कैडर सचिवों को नियमित वेतन नहीं मिलने का दावा सहकारी समिति कर्मचारी प्रतिनिधि शैलेंद्र तिवारी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 2,002 कैडर सचिवों में से 1,223 को नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारिता मंत्री के गृह जिले में करीब 1.80 करोड़ रुपए वेतन बकाया है। कर्मचारी प्रतिनिधि के मुताबिक, न्यायालय के आदेश के बावजूद सभी कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कैडर सचिवों की पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया। ‘कर्मचारियों के घरों में चूल्हा नहीं जल रहा’ संजय सिंह ने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई परिवारों के सामने इलाज, बच्चों की फीस और रोजमर्रा के खर्च का संकट है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को केवल आश्वासन देकर खत्म कराने के बजाय उनकी मूल समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सहकारी समिति कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करेगी। जरूरत पड़ने पर पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। 9 अक्टूबर को लखनऊ में AAP का प्रदर्शन संजय सिंह ने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के मुद्दे पर भी सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को लखनऊ में आम आदमी पार्टी बड़ा प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। ‘ईवीएम में 56 इंच का सीना है तो बैलेट से चुनाव कराएं’ संजय सिंह ने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को अपने समर्थन और लोकप्रियता पर भरोसा है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने की हिम्मत दिखानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और नफरत की राजनीति को लेकर भी निशाना साधा। नशे को लेकर मुंद्रा पोर्ट का जिक्र, लखनऊ की बाढ़ का मुद्दा भी उठाया संजय सिंह ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स बरामदगी का मुद्दा उठाते हुए भाजपा से कार्रवाई को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरे राज्यों पर आरोप लगाने से पहले अपने शासन वाले राज्यों के मामलों पर भी जवाब देना चाहिए। लखनऊ में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। संजय सिंह ने दावा किया कि कई घर जलमग्न हैं और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की। 2027 चुनाव पर बोले- केजरीवाल और अखिलेश तय करेंगे यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव बैठकर तय करेंगे कि आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी कहां और किस तरह चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि AAP फिलहाल प्रदेश में जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है।
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