81 लाख के गेहूं गबन में सील 6 समितियां खुलेंगी:बलरामपुर डीएम ने दिए निर्देश, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बनेगी सामान-अभिलेखों की सूची
बलरामपुर में गेहूं खरीद में अनियमितता और 81 लाख रुपए से अधिक कीमत के गेहूं के गबन के मामले में सील की गई छह सहकारी समितियों को अब खोला जाएगा। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने 15 और 16 सितंबर को सील की गई समितियों की सील खोलने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान समितियों में मौजूद सामान और अभिलेखों की सूची तैयार कराई जाएगी। जिन समितियों की सील खोली जानी है, उनमें बी-पैक्स समिति तुलसीपुर, कौवापुर, सुगानगर, गौरामाफी, मुड़िला और सहकारी संघ पचपेड़वा शामिल हैं। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुलेगी सील एआर सहकारिता अजय कुमार मौर्य के मुताबिक, सील खोलने के लिए तहसीलदार न्यायिक तुलसीपुर को मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर को वस्तु सूची यानी चार्जलिस्ट तैयार कराने की जिम्मेदारी दी गई है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील खोलने के बाद समितियों में उपलब्ध सामान, दस्तावेज और अन्य अभिलेखों का मिलान किया जाएगा। इसके बाद पूरी सूची तैयार कराई जाएगी। जांच में 310.999 मीट्रिक टन गेहूं कम मिला गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 के दौरान हुई जांच में नचौरा-नचौरी, कौवापुर और भगवानपुर खादर केंद्रों पर गेहूं का स्टॉक कम मिला था। जांच में कुल 310.999 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला, जिसकी कीमत करीब 81.01 लाख रुपए आंकी गई। नचौरा-नचौरी केंद्र पर 67.111 मीट्रिक टन और कौवापुर केंद्र पर 161.653 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक नहीं मिला। दोनों केंद्रों पर गायब गेहूं की कुल कीमत 59,59,302.20 रुपए आंकी गई। वहीं भगवानपुर खादर केंद्र पर 82.240 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला, जिसकी कीमत 21,42,352 रुपए बताई गई। सचिव को हटाया, हस्ताक्षर की मान्यता भी निलंबित मामला सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने प्रभारी सचिव श्रीप्रकाश सिंह को बी-पैक्स तुलसीपुर समेत संबंधित समितियों के सचिव पद से हटा दिया था। उनके हस्ताक्षर की मान्यता भी निलंबित कर दी गई थी। आरोप है कि तीनों खरीद केंद्रों पर किसानों से खरीदे गए गेहूं का पूरा संप्रदान भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को नहीं किया गया। दो थानों में दर्ज हैं मुकदमे मामले में तुलसीपुर और पचपेड़वा थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। तुलसीपुर में श्रीप्रकाश सिंह और बी-पैक्स तुलसीपुर के विक्रेता महेंद्र मणि तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। वहीं पचपेड़वा में श्रीप्रकाश सिंह और सहकारी संघ के कर्मचारी आदर्श सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तुलसीपुर में दर्ज मामले में पुलिस श्रीप्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है।
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