"हमने जहर खा लिया है... बहुत कर्ज था" – पंचकूला में परिवार के 7 लोगों की सामूहिक आत्महत्या

दि राइजिंग न्यूज। हरियाणा। 27 मई, 2025 ।  हरियाणा के पंचकूला से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के 7 लोगों ने कार में ज़हर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। मृतकों में माता-पिता, उनके बच्चे और अन्य परिजन शामिल हैं। यह परिवार बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में शामिल होकर लौट रहा था।

"हमने जहर खा लिया है... बहुत कर्ज था" – पंचकूला में परिवार के 7 लोगों की सामूहिक आत्महत्या
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दि राइजिंग न्यूज। हरियाणा। 27 मई, 2025 । 

हरियाणा के पंचकूला से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के 7 लोगों ने कार में ज़हर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। मृतकों में माता-पिता, उनके बच्चे और अन्य परिजन शामिल हैं। यह परिवार बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में शामिल होकर लौट रहा था।

मरने से पहले जो प्रवीण ने बताया

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद पुनीत राणा ने बताया कि कार उनके घर के पास खड़ी थी, जिसके शीशों पर टॉवल ढके हुए थे। जब उन्होंने जाकर पूछा तो कार से बाहर निकले प्रवीण मित्तल ने कहा, “हम बाबा के कार्यक्रम में आए थे। होटल नहीं मिला तो गाड़ी में ही सो गए।” लेकिन कुछ देर में जब पुनीत ने कार के अंदर झांका तो सब उल्टी से लथपथ थे।

प्रवीण मित्तल ने बताया, “हमने जहर खा लिया है। हम बहुत कर्ज में डूबे हुए हैं। रिश्तेदार बहुत अमीर हैं लेकिन किसी ने मदद नहीं की।” उन्होंने यह भी कहा कि कार में मौजूद बच्चे और अन्य परिजन कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।

अगर एंबुलेंस वक्त पर आती...

पुनीत राणा ने बताया कि पुलिस तो कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस आने में लगभग 40-45 मिनट लग गए। अगर समय पर मेडिकल सहायता मिलती तो शायद जानें बच सकती थीं। हालांकि, कुछ देर में प्रवीण मित्तल की भी मौत हो गई।

बीमार मां, आर्थिक तंगी, और अधूरे सपने

पड़ोसी आराधना थापा ने बताया कि यह परिवार पहले देहरादून में रहता था और बाद में चंडीगढ़ शिफ्ट हो गया था। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मां बीमार रहती थीं और बच्चे देहरादून के ब्लूमिंग बर्ड स्कूल में पढ़ते थे।

पुलिस जांच में सामने आई बातें

पुलिस के अनुसार, मृतक प्रवीण मित्तल मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले थे लेकिन पहले देहरादून के कोलागढ़ इलाके में किराए पर रहते थे। कुछ महीने पहले ही वह चंडीगढ़ शिफ्ट हुए थे। कार, जिसमें यह घटना हुई, देहरादून के गंभीर सिंह नेगी के नाम पर पंजीकृत है, जो प्रवीण के NGO के कार्य से जुड़े संपर्क में आए थे। उन्होंने प्रवीण के लिए यह कार फाइनेंस करवाई थी।

प्रवीण पहले चाइल्ड लाइफ केयर मिशन नाम से एक NGO चलाते थे। आर्थिक हालात बिगड़ने के बाद कर्ज इतना बढ़ गया कि परिवार को आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाना पड़ा।