दतिया बवाल पर नरोत्तम मिश्रा की अपील- समर्थकों से बोले, संयम रखें
दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद हुए बवाल के बीच नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
दि राइजिंग न्यूज़ | दतिया | 11 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश की राजनीति इस समय दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर गर्माई हुई है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री और दतिया से लंबे समय तक विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। टिकट वितरण के फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए और कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया गया, जिससे आम लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरे घटनाक्रम के बीच नरोत्तम मिश्रा का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने समर्थकों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की है।
नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की
नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को मीडिया और सामाजिक माध्यमों के जरिए अपने समर्थकों को संदेश देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित संगठन है और संगठन द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय विचार-विमर्श और तय प्रक्रिया के बाद लिया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि वे पार्टी के निर्णयों का सम्मान करें, चाहे वे व्यक्तिगत रूप से उनसे सहमत हों या नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रकार का विरोध लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होना चाहिए तथा ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच मौजूद हैं। यदि किसी कार्यकर्ता को किसी निर्णय पर आपत्ति है तो उसे संगठन के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए, न कि सड़क पर हिंसक प्रदर्शन करके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और संगठन की मर्यादा का पालन करने की अपील की।
पेट्रोल और मिट्टी का तेल लेकर प्रदर्शन करने वालों पर जताई चिंता
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने सामाजिक माध्यमों पर कुछ ऐसे वीडियो देखे हैं, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी पेट्रोल और मिट्टी का तेल लेकर विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इन दृश्यों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि इससे लोगों की जान-माल को भी खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में ऐसे कदम उचित नहीं माने जा सकते।नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि वे भावनाओं में बहकर ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे उनकी छवि और पार्टी दोनों को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन उसका तरीका लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और जिम्मेदार होना चाहिए।
दतिया में प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप
दतिया में टिकट नहीं मिलने की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर नारेबाजी की और ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया। यह जाम लगभग ग्यारह से बारह घंटे तक जारी रहा, जिससे हजारों वाहन प्रभावित हुए और यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की नौबत आ गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर यातायात बहाल कराया और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दतिया के बाद अब राजधानी भोपाल में भी नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संगठन और प्रशासन दोनों स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।इसी बीच यह जानकारी भी सामने आई है कि नरोत्तम मिश्रा देर रात दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। राजनीतिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि नरोत्तम मिश्रा की ओर से दिल्ली दौरे के उद्देश्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
टिकट कटने के बाद पहली बार खुलकर बोले नरोत्तम मिश्रा
टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि संगठन में हर निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है और सभी कार्यकर्ताओं को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि असहमति व्यक्त करने के लिए संगठन के भीतर पर्याप्त अवसर और मंच उपलब्ध हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की हिंसक या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि उचित नहीं है।उन्होंने अपने समर्थकों से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे जनता को परेशानी हो, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचे या पार्टी की छवि प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि अनुशासन और संयम ही किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता की सबसे बड़ी पहचान होती है।
राजनीतिक महत्व
दतिया विधानसभा उपचुनाव को भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे समय में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना और उसके बाद समर्थकों का उग्र विरोध राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है। वहीं नरोत्तम मिश्रा की शांति और संयम की अपील से यह संकेत भी मिला है कि वह अपने समर्थकों को संगठन के खिलाफ किसी भी उग्र कदम से दूर रखना चाहते हैं।