राहुल गांधी की तीन मांगें, बोले- शिक्षा मंत्री को हटाना ही होगा

नई दिल्ली। छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घायल छात्रों के साथ प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, आंदोलन के दौरान बल प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री से छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया, जबकि सरकार ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।

राहुल गांधी की तीन मांगें, बोले- शिक्षा मंत्री को हटाना ही होगा

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को घायल छात्रों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने अपने साथ मौजूद एक छात्र का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आंदोलन के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई युवाओं को चोटें आईं। वहीं सरकार पहले ऐसे आरोपों का खंडन कर चुकी है।


राहुल गांधी ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में सामने आई गंभीर अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही समस्याओं के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।दूसरी मांग के रूप में राहुल गांधी ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।


प्रधानमंत्री से माफी की भी मांग

राहुल गांधी ने अपनी तीसरी मांग में कहा कि प्रधानमंत्री को देशभर के उन छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, जो प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उनका मानना है कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।


छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के कारण लाखों मेहनती विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ा है और सरकार को इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और भविष्य में प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। तभी विद्यार्थियों का विश्वास दोबारा स्थापित किया जा सकेगा।