माता-पिता सावधान! भूलकर भी सामाजिक माध्यम पर बच्चों की तस्वीरें न करें साझा, हो सकता है बड़ा नुकसान
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों की तस्वीरें और निजी जानकारी सामाजिक माध्यमों पर साझा करने से बचें, क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से इनका गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराध को अंजाम दिया जा सकता है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 जुलाई 2026
डिजिटल युग में सामाजिक माध्यम लोगों की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। अब बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई चेतावनी जारी की गई है, जिसमें माता-पिता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की तस्वीरें और निजी जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा करना भविष्य में गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों की सुरक्षा और निजता पर भारी पड़ सकती है।
माता-पिता के लिए क्यों जारी की गई चेतावनी
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने माता-पिता को सलाह दी है कि वे सामाजिक माध्यमों पर कोई भी तस्वीर साझा करने से पहले कई बार सोचें। यदि तस्वीर में बच्चे का चेहरा, विद्यालय, घर, पहचान या अन्य निजी जानकारी दिखाई देती है, तो उसका गलत इस्तेमाल होने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल वास्तविक जीवन में ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए सार्वजनिक मंचों पर बच्चों की मौजूदगी को सीमित रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय माना जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ रहा है गलत इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से साधारण तस्वीरों को भी बदलकर फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री तैयार की जा सकती है। ऐसे मामलों में बच्चों की तस्वीरों का दुरुपयोग सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आया है। हाल के वर्षों में इस प्रकार की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ गई है। यही कारण है कि अभिभावकों को बच्चों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने की सलाह दी जा रही है।
तस्वीर साझा करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यदि किसी विशेष अवसर पर बच्चों की तस्वीर साझा करना आवश्यक हो, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई निजी जानकारी दिखाई न दे। तस्वीर में विद्यालय का नाम, घर का पता, पहचान पत्र, वाहन संख्या या दैनिक दिनचर्या जैसी जानकारी नहीं होनी चाहिए। साथ ही अपने सामाजिक माध्यम खाते की गोपनीयता व्यवस्था की भी जांच करें, ताकि आपकी सामग्री केवल सीमित और भरोसेमंद लोगों तक ही पहुंचे। सार्वजनिक रूप से साझा की गई सामग्री का दुरुपयोग होने की संभावना अधिक रहती है।
पुरानी तस्वीरों की भी करें जांच
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि केवल नई तस्वीरों पर ही नहीं, बल्कि पहले से साझा की गई पुरानी तस्वीरों की भी समीक्षा की जाए। यदि किसी तस्वीर में बच्चे की निजी जानकारी दिखाई दे रही है, तो उसे तुरंत हटाना बेहतर माना जाता है। कई बार वर्षों पुरानी तस्वीरें भी साइबर अपराधियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। इसलिए समय-समय पर अपने सामाजिक माध्यम खातों की जांच करना आवश्यक है।
रिश्तेदारों और विद्यालयों की भी जिम्मेदारी
बच्चों की सुरक्षा केवल माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि रिश्तेदारों, मित्रों, विद्यालयों, खेल संस्थानों और अन्य संगठनों को भी इस विषय में सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी बच्चे की तस्वीर सार्वजनिक रूप से साझा करने से पहले उसके माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक माना गया है। इससे बच्चों की निजता सुरक्षित रहती है और भविष्य में किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावना कम हो जाती है।
मुख्य बातें
- बच्चों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने की सलाह।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से तस्वीरों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ा।
- तस्वीर साझा करने से पहले निजी जानकारी छिपाना जरूरी।
- पुरानी साझा की गई तस्वीरों की भी नियमित जांच करें।
- बच्चों की तस्वीर साझा करने से पहले अभिभावकों की अनुमति आवश्यक।