ट्रंप-मस्क विवाद पर लगी ब्रेक! एलन मस्क ने जताया खेद, कहा- “मैंने हद पार की”
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/वॉशिंगटन। 11 जून, 2025 । टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रहा तीखा वाक्युद्ध अब खत्म होता दिख रहा है। एलन मस्क ने बीते सप्ताह ट्रंप के खिलाफ की गई अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर खेद व्यक्त किया है और माना है कि उन्होंने अपनी सीमाएं पार की थीं।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/वॉशिंगटन। 11 जून, 2025 ।
टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रहा तीखा वाक्युद्ध अब खत्म होता दिख रहा है। एलन मस्क ने बीते सप्ताह ट्रंप के खिलाफ की गई अपनी सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर खेद व्यक्त किया है और माना है कि उन्होंने अपनी सीमाएं पार की थीं।

‘सीजफायर’ मोड में मस्क, ट्रंप से रिश्तों में नरमी
एलन मस्क ने बुधवार को X पर पोस्ट करते हुए कहा:
“मुझे राष्ट्रपति ट्रंप के बारे में बीते सप्ताह किए गए कुछ पोस्ट्स पर खेद है। मैंने सीमाएं लांघ दी थीं।”
इस बयान को अमेरिका के सियासी गलियारों में दोनों के बीच रिश्तों की नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या था मस्क-ट्रंप विवाद?
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ था जब एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप के एक विवादास्पद बिल का विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। खास बात यह रही कि मस्क ने X पर एक पोस्ट किया था जिसमें दावा किया गया कि ट्रंप का नाम यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की फाइलों में था।
बाद में मस्क ने यह पोस्ट डिलीट कर दिया, जिससे साफ हो गया कि वे अब विवाद को और बढ़ाना नहीं चाहते।
दोस्ती से दुश्मनी और फिर... वापसी?
मस्क और ट्रंप की नज़दीकियां तब बढ़ी थीं जब जुलाई 2024 में ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया में जानलेवा हमला हुआ था। उसी समय मस्क ने सोशल मीडिया पर ट्रंप का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने लिखा था:
“मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
इसके बाद दोनों चुनावी प्रचार में साथ दिखाई दिए। लेकिन हालिया बिल-विरोध और X पोस्ट ने उनके रिश्तों में खटास भर दी थी, जो अब संभवतः सुधरती नजर आ रही है।
राजनीति, तकनीक और बिजनेस के संगम पर टकराव
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि टेक दिग्गजों और राजनीतिक शक्तियों के बीच संबंध किस कदर संवेदनशील और पेचीदा हो सकते हैं। मस्क का यह बैकफुट पर आना दर्शाता है कि अरबपति उद्यमी भी ट्रंप जैसे राजनेताओं के प्रभाव को हल्के में नहीं ले सकते।
यह घटनाक्रम सिर्फ एक ट्विटर पोस्ट नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और राजनीति के गठबंधन और टकराव की एक जटिल कहानी है। आने वाले चुनावों में इसका असर किस तरह से दिखाई देगा, यह देखना दिलचस्प होगा।