आज से शुरू गाजीपुर की सैकड़ों साल पुरानी रामलीला:20 अक्टूबर को 60 फीट के रावण का होगा दहन
गाजीपुर शहर की सैकड़ों साल पुरानी रामलीला आज मंगलवार से शुरू होगी। हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरे पर धनुष-मुकुट पूजन के साथ इसका आरंभ होगा। यह रामलीला 6 से 24 अक्टूबर तक कुल 19 दिन चलेगी। इसकी मुख्य विशेषता चलायमान स्वरूप है। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का रथ शहर के कई मार्गों और लीला स्थलों से होकर गुजरता है। इस बार रथ हरिशंकरी, झुन्नुलाल चौराहा, आमघाट, कारगिल मार्केट, महुआबाग, सकलेनाबाद, विशेश्वरगंज और कौवा बारी होते हुए लंका मैदान पहुंचेगा। 11 अक्टूबर को श्रीराम वनगमन, निषादराज मिलन और तमसा निवास की लीला हरिशंकरी से पहाड़ खां पोखरा तक होगी। 12 अक्टूबर को राम-केवट संवाद और सुरसरी पार करने की लीला पहाड़ खां पोखरे पर होगी। इसके बाद भरत मनावन, अनुसूया संवाद, अत्रि संवाद, जटायु प्रसंग जैसे दृश्य शहर के अलग-अलग स्थानों पर होंगे। 16 अक्टूबर से लंका मैदान में सीता हरण, शबरी मिलन, हनुमान-सीता मिलन, लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकरण-मेघनाद वध जैसे प्रसंग होंगे। राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन 20 अक्टूबर को राम-रावण युद्ध और रावण वध के साथ विजयादशमी मनाई जाएगी। 24 अक्टूबर को हरिशंकरी में राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन होगा। पोखरे की सफाई और नाव व्यवस्था भी चुनौती रामलीला के दौरान पहाड़ खां पोखरे पर होने वाला सुरसरी पार करने का दृश्य इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस बार पोखरे की सफाई को लेकर भी सवाल है। पोखरे में अभी गंदगी और सफाई की कमी दिखाई दे रही है, ऐसे में 12 अक्टूबर की लीला से पहले इसकी सफाई जरूरी होगी। नगर पालिका प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान पोखरे की सफाई कराने के साथ ही श्रीराम के सुरसरी पार करने के लिए नाव की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि तय समय में पोखरे को कितना व्यवस्थित किया जाता है। रामलीला कमेटी और नगर पालिका प्रशासन ने संयुक्त रूप से रथ यात्रा के मार्गों और लीला स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति, गड्ढे और खुली नालियां मिलीं। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और अधिशासी अधिकारी धीरेंद्र कुमार राय ने संबंधित कर्मचारियों को दो से तीन दिन में खराब सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को दुरुस्त करने और नालियों पर ढक्कन लगाने के निर्देश दिए। दुर्गा पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी सुगम बनाने की बात कही गई है। रामलीला से जुड़े मार्गों की मरम्मत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा है कि दशहरा से पहले रामलीला से जुड़े मार्गों की मरम्मत करा दी जाएगी। प्रशासन और नगर पालिका के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि 20 अक्टूबर के विजयादशमी आयोजन से पहले रथ यात्रा और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले सभी रास्ते सुरक्षित और सुगम हो जाएं। क्योंकि इस दौरान न केवल रामलीला के दर्शक बल्कि दुर्गा पूजा पंडालों में जाने वाली भीड़ भी इन्हीं मार्गों का इस्तेमाल करेगी। विजयादशमी के दिन 20 अक्टूबर को रामलीला मैदान लंका में शाम 7:30 बजे श्रीराम-रावण युद्ध का मंचन होगा। इसके बाद रात 8 बजे करीब 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। 19 दिवसीय रामलीला का समापन इसके बाद 21 अक्टूबर को भरत मिलाप, 22 अक्टूबर को अयोध्या वापसी, 23 अक्टूबर को कलेक्टर घाट पर गंगा पूजन और दशावतार की झांकी तथा 24 अक्टूबर को हरिशंकरी में श्रीराम राज्याभिषेक होगा। राज्याभिषेक के साथ ही 19 दिवसीय रामलीला का समापन होगा। सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा में कमेटी के साथ नगर पालिका, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों की भूमिका रहती है। इस बार भीड़, रथ यात्रा, सड़क, नाली, पोखरा, नाव और सुरक्षा व्यवस्था को समय से पूरा करना प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी है।
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