आलू किसानों को जल्द मिलेगी तरल नैनो एनपीके:संभल में रासायनिक खाद की खपत कम करने में मिलेगी मदद
संभल में आलू उत्पादक किसानों को जल्द ही इफको की तरल नैनो एनपीके उपलब्ध होगी। इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की संतुलित मात्रा होगी, जो खड़ी फसल की पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में सहायक होगी। यह जानकारी रविवार को निजी पैलेस में इफको और उद्यान विभाग की ओर से आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में इफको के राज्य विपणन प्रबंधक यतेन्द्र तेवतिया ने दी। प्रशिक्षण में किसानों और कोल्ड स्टोरेज से जुड़े अधिकारियों को रासायनिक डीएपी और एनपीके की खपत करीब 25 प्रतिशत तक कम करने की जानकारी दी गई। इसके लिए नैनो उर्वरक, जैव उर्वरक, नेचुरल पोटाश और जलविलेय उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल की तकनीक बताई गई। लागत घटाने पर जोर यतेन्द्र तेवतिया ने कहा कि किसानों की लागत कम करने और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इफको लगातार शोध कर रही है। किसानों में नैनो डीएपी की मांग बढ़ रही है। इसी क्रम में जल्द नैनो एनपीके भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इफको जलविलेय उर्वरकों को माइक्रोनाइज तकनीक से विकसित करने पर भी काम कर रही है। इफको मुरादाबाद मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक जितेंद्र गंगवार ने सहकारी समितियों पर उपलब्ध वैकल्पिक उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, एनपीके लिक्विड कंसोर्टिया, सागरिका, एनपीके 19-19-19 और नेचुरल पोटाश के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दिया। योजनाओं की जानकारी दी मुख्य अतिथि जिला उद्यान अधिकारी ने विभाग की योजनाओं और आलू के विक्रय पर मूल्य समर्थन की जानकारी किसानों को दी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए नैनो डीएपी और जैविक उत्पादों के संतुलित उपयोग की अपील की। कार्यक्रम का संचालन इफको अमरोहा के क्षेत्र अधिकारी प्रवीन कुमार ने किया। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में आलू उत्पादक किसान मौजूद रहे।
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